बाउ पुलिस कार्रवायी से बचने के लिए ही तृणमूल की राजनीति कर रहा था. बाउ के ही परिचितों ने बताया कि वाम शासन में वह माकपा के श्रमिक संगठन से जुड़ा था. सत्ता परिवर्तन के बाद वह तृकां में जुड़ गया और तृकां के श्रमिक संगठन आइएनटीटीयूसी नेता बन गया. लोगों का कहना है कि नेता का चोला पहनकर वह हर तरह के कुकर्म करता था. इतना ही नहीं महावीरस्थान फ्लाइ ओवर बनने के बाद वह सागिर्दों के साथ रेल गेट के सामने सरकारी जगह दखल कर सिलीगुड़ी महावीरस्थान खुदरा व्यवसायी मार्केट खोल दिया और यहां दुकान-गुमटी बनवा कर लाखों रूपये में बेच दिया. फ्लाइओवर बनने के बाद महावीरस्थान व टाउन स्टेशन के आस-पास जितनी भी आपराधिक गतिविधियां हो रही है उन सभी का बाउ ही मास्टरमाइंड था. लोगों का कहना है कि बाउ की दादागिरी से हर कोई परेशान था.
हफ्तावसूली, उगाही व जमीन पर कब्जा को लेकर अक्सर होती थी मारपीट, तृणमूल के दो गुटों में था विवाद
सिलीगुड़ी. महावीरस्थान इलाके में हफ्तावसूली, जबरन उगाही व दुकान दखल, जुओं के अड्डे को लेकर तृकां के दो गुटों के बीच काफी अरसे से विवाद चल रहा था. इसे लेकर बाउ के गुट और एक अन्य गुट के बीच हमेशा झगड़ा व मारपीट होते रहता था. महावीरस्थान खुदरा व्यवसायी कल्याण समिति के मुख्य गेट के […]

सिलीगुड़ी. महावीरस्थान इलाके में हफ्तावसूली, जबरन उगाही व दुकान दखल, जुओं के अड्डे को लेकर तृकां के दो गुटों के बीच काफी अरसे से विवाद चल रहा था. इसे लेकर बाउ के गुट और एक अन्य गुट के बीच हमेशा झगड़ा व मारपीट होते रहता था. महावीरस्थान खुदरा व्यवसायी कल्याण समिति के मुख्य गेट के पास स्थित एक बैग की दुकान को लेकर विवाद चल रहा था. बैग दुकानदार से बाउ के गुट ने पहले लाखों रूपये लिये थे बाद में हफ्तावसूली भी की जा रही थी. इस दुकान के हिस्से के अलावा अन्य जगहों से भी बाउ के गुट द्वारा वसूली और उसके भाग-बंटवारे को लेकर दूसरा गुट नाखुश था.
आखिर कौन था यह बाउ: मृत गोपाल घोष उर्फ बाउ टिकियापाड़ा का रहनेवाला था. स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बाउ एक पेशेवर अपराधी था. स्ट्राइगर जैसे जुए चलाने का वह मास्टरमाइंड था. मर्डर, लूटपाट, छिनताई, जगह दखल, हफ्तावसूली जैसे अपराधों से वह जुड़ा हुआ था. सिलीगुड़ी थाना के अलावा अन्य थानों में भी उसके विरुद्ध दर्जनों आपराधिक मामले दर्ज हैं. सबसे अधिक सिलीगुड़ी थाना में बाउ के विरूद्ध मामले हैं.
कौन है मोहम्मद मुख्तार
वहीं, आज के हमले में गंभीर रूप से जख्मी मोहम्मद मुख्तार भी टिकियापाड़ा का रहनेवाला है और बाउ का सबसे करीबी सागिर्द है. आज के वारदात को लेकर सिलीगुड़ी महावीरस्थान खुदरा व्यवसायी मार्केट समिति के अध्यक्ष व सचिव के अलावा अन्य पदाधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गयी लेकिन संपर्क नहीं हो सका. तृकां के आइएनटीटीयूसी नेता अरूप रतन घोष उर्फ भाई दा को भी उनके मोबाइल पर कॉल किया गया, फूल रिंग होने के बावजूद उन्होंने कॉल रिसिव नहीं किया. पुलिस अधिकारी भी फिलहाल कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं.