नक्सलबाड़ी आंदोलन के 50 साल पूरे

सिलीगुड़ी. प्रख्यात नक्सलबाड़ी आंदोलन का इस साल 50 साल पूरा होने को है. किसी जमाने में इस आंदोलन ने देश की दशा और दिशा तय की थी. आज भले ही यह आंदोलन कमजोर हो गया हो, लेकिन नक्सलबाड़ी आंदोलन पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. आज भी गरीब तथा कमजोर वर्गों की लड़ाई नक्सलबाड़ी […]

सिलीगुड़ी. प्रख्यात नक्सलबाड़ी आंदोलन का इस साल 50 साल पूरा होने को है. किसी जमाने में इस आंदोलन ने देश की दशा और दिशा तय की थी. आज भले ही यह आंदोलन कमजोर हो गया हो, लेकिन नक्सलबाड़ी आंदोलन पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. आज भी गरीब तथा कमजोर वर्गों की लड़ाई नक्सलबाड़ी आंदोलन के तर्ज पर ही हो रही है.

यह बातें भाकपा-माले न्यूडेमोक्रेसी के संयोजक चंदन प्रमाणिक ने कही. वह सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. श्री प्रमाणिक ने कहा कि 60 और 70 के दशक में इस आंदोलन ने आम लोगों को हक दिलाने की पहल की. अब 2017 में इस ऐतिहासिक नक्सलबाड़ी आंदोलन के 50 साल पूरे होने जा रहे हैं. नक्सलबाड़ी का यह संघर्ष महज कोई सैद्यांतिक मिसाल नहीं है, बल्कि 50 वर्ष के बाद भी इस संघर्ष का सबक आज भी प्रासंगिक है. इस अवसर पर सभी क्रांतिकारी कम्युनिस्टों को याद करना चाहिए जिन्होंने सर्वहारा की लड़ाई लड़ी. उन्होंने आगे कहा कि नक्सलबाड़ी आंदोलन के 50 साल पूरे होने के अवसर पर सिलीगुड़ी में 25 मई को भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. इस कार्यक्रम में तमाम दिग्गज नक्सली नेता उपस्थित रहेंगे. उस दिन सिलीगुड़ी में एक विशाल रैली निकाली जायेगी. इसके अलावा इंडोर स्टेडियम में एक जनसभा का भी आयोजन किया गया है.

उन्होंने आगे कहा कि नक्सलबाड़ी आंदोलन के 50 साल पूरे होने के अवसर पर एक उद्यापन कमेटी का भी गठन किया गया है. इसी कमेटी के द्वारा सभी कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. कार्यक्रम की शुरूआत 25 मई को सुबह नौ बजे नक्सलबाड़ी से ही होगी. वहां शहीद बेदी पर माल्यार्पण किया जायेगा. उसके बाद सभी लोग सिलीगुड़ी आ जायेंगे. इंडोर स्टेडियम में आयोजित जनसभा के मुख्य वक्ता भरभरा राव होंगे. संवाददाता सम्मेलन में रतन देव तथा सुशांत झा भी उपस्थित थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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