मालदा: मालदा जिला परिषद का बजट पास नहीं हो सका.तृणमूल के सात सदस्यों की अनुपस्थिति की वजह से 2017-18 का बजट फंस गया. जिला परिषद के अतिरिक्त कार्यनिर्वाही अधिकारी मलय मुखर्जी ने राज्य सरकार को इसकी जानकारी दे दी है. बजट पास ना होने पर वित्तीय वर्ष 2017-18 में कर्मचारियों का वेतन व विकास मूलक कार्य ठप होने की संभावना जतायी जा रही है.
मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को मालदा जिला परिषद का बजट 2017-18 पेश होना था. आज की इस बैठक में इंगलिश बाजार पंचायत समिति के अध्यक्ष संगीता मंडल, वामनगोला पंचायत समिति के अध्यक्ष स्मृति सरकार एवं जिला परिषद के पांच तृणमूल सदस्य मिलन दास, कंचन सिंह, खुशी विश्वास, उज्जवल चौधरी और कल्पना चौधरी अनुपस्थित थी. आज सुबह मालदा जिला परिषद के अंतर्गत विनय सरकार अतिथि आवास पर दोपहर 12 बजे बजट पेश होना था. अधिकारी सहित सभी लोग समयानुसार सभागार में उपस्थित थे. तृणमूल के सात सदस्य बजट बैठक में उपस्थित नहीं हुए. जिसकी वजट से मालदा जिला परिषद का बजट पास नहीं हुआ.
जिला परिषद के अतिरिक्त कार्यनिर्वाही अधिकारी मलय मुखर्जी ने बताया कि बहुमत ना होने की वजह से बजट पास नहीं हो सका. इस संबंध में राज्य सरकार को जानकारी दे दी गयी है. मालदा जिला परिषद की स्थायी समिति के सदस्यों की संख्या 67 है. बजट पास कराने के लिये पचास प्रतिशत से अधिक सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य है. अर्थात मालदा जिला परिषद का बजट पास कराने के लिये 34 सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य है. मालदा जिला परिषद की स्थायी समिति में तृणमूल के सदस्यों की संख्या 38 है. जबकि आज सिर्फ 31 सदस्य ही उपस्थित हुए थे. फलस्वरूप तृणमूल बजट के समर्थन में बहुमत हासिल नहीं सकी और बजट पास नहीं हो सका.
12 बजे बजट पेश करने का समय निर्धारित था. अनुपस्थित सदस्यों के आने की उम्मीद में घंटो इंतजार किया गया. अंत में हारकर अतिरिक्त कार्यनिर्वाही अधिकारी ने बजट बैठक को रद्द कर दिया. बजट पास ना होने पर समस्याओं का अंबार लगने की संभावना है. मालदा जिला परिषद की तृणमूल सभाधिपति सरला मुर्मू ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिये 345 करोड़ 45 लाख 63 हजार रूपये का आनुमानिक बजट तैयार किया गया था. आज की बजट बैठक में तृणमूल, कांग्रेस व माकपा के कुल सात सदस्यों की अनुपस्थिति का कारण समझ के परे हैं.
मालदा जिला परिषद के सहायत सभाधिपति गौड़ मंडल ने बताया कि जो सदस्य बैठक में अनुपस्थित थे, वे लोग विकास नहीं चाहते हैं. इसके लिये हम जनता के दरबार में जायेंगे.
क्या कहते हैं जिला अध्यक्ष
पार्टी के अंतर्कलह की वजह से ही बजट पास ना होने की बात को जिला तृणमूल अध्यक्ष मोअज्जम हुसैन ने स्वीकार कर लिया है. उन्होंने कहा कि तृणमूल के जो सदस्य बजट सभा में उपस्थित नहीं थे उनके खिलाफ कड़ी कार्यवायी की जायेगी.
घोटाले का लगा आरोप
दूसरी तरफ जिला परिषद के तृणमूल दल नेता उज्जवल चौधरी ने कहा कि विकास के बदले कुछ नेताओं का जेब भरा है. बाजार में चाय, कॉफी बेचने वाले लोग जिला परिषद में पहुंचकर करोड़ो रूपये के मालिक बन गये हैं. मालदा जिला परिषद घोटालों से भर गया है. उन्होंने जिला तृणमूल अध्यक्ष मोअज्जम हुसैन को हटाने मी मांग की. उन्होंने कहा कि कृष्णेंदु चौधरी को वापस जिलाध्यक्ष बनाना होगा.
जांच की मांग
श्री चौधरी ने इस के साथ ही जिला परिषद के सहायक सभाधिपति गौड़ मंडल को पार्टी से निकालने की भी मांग की. उन्होंने यह भी कहा कि मालदा जिला परिषद में घोटालों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवायी किया जाये. मांग पूरी होने के बाद ही हम लोग जिला परिषद के किसी भी बैठक में शामिल होंगे.
