चैती छठः छठव्रतियों ने खरना से किया पूजा का आगाज

सिलीगुड़ी. सूर्योपासना का महापर्व कार्तिक छठ के तरह ही चैती छठ की भी खास अहमियत है. छठव्रतियों ने शनिवार को खरना से पूजा का आगाज किया. इसके तहत आज छठव्रतियों ने नदियों में डूबकी लगायी और पूजा अर्चना की. साथ ही पूरे दिन का उपवास रहकर शाम को छठ मय्या की पूजा की और खीर-पूरी […]

सिलीगुड़ी. सूर्योपासना का महापर्व कार्तिक छठ के तरह ही चैती छठ की भी खास अहमियत है. छठव्रतियों ने शनिवार को खरना से पूजा का आगाज किया. इसके तहत आज छठव्रतियों ने नदियों में डूबकी लगायी और पूजा अर्चना की. साथ ही पूरे दिन का उपवास रहकर शाम को छठ मय्या की पूजा की और खीर-पूरी का प्रसाद ग्रहण किया. एक छठव्रती महिला ने बताया कि खरना के दिन शाम को प्रसाद ग्रहण करने के बाद धार्मिक रीतिनुसार छठव्रतियों को तीन दिनों तक निरजला उपवास रहना पड़ता है. इसके तहत छठव्रतियों को पूरे तीन दिनों तक काफी कड़े नियमों का पालन करना पड़ता है. शुद्धता और पूरी स्वच्छता का ख्याल रखना पड़ता है. साथ ही ये तीन दिन व्रतधारियों को जल ग्रहण करने पर भी रोक है.

खरना के दूसरे दिन यानि कल रविवार की शाम को स्वच्छ नदी-तालाबों में सुसज्जीत घाटों पर छठव्रती छठ मय्या की आराधना करेंगे और अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे. सोमवार तड़के फिर घाटों पर ही व्रतधारी उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देंगे. इसके बाद छठव्रती अपने नाते-रिश्तेदारों, परिचितों व गरीबों में प्रसाद वितरित करेंगे. इसके बाद ही तीन दिनों का निरजला उपवास प्रसाद ग्रहण करने के बाद तोड़ेंगे. छठ पूजा को लेकर नदी-तालाबों में घाटों की तैयारी का काम जोरशोर से शुरू हो गया है. सिलीगुड़ी शहर और इसके आस-पास की नदियों महानंदा, तीस्ता, बालासन, पंचनई, महेशमाड़ी के तटों पर घाट छेंकने और उसकी सजावट का काम किया जा रहा है. खासतौर पर महानंदा नदी के लालमोहन निरंजन मौलिक घाट, तुलसी घाट, गुरूंग नगर घाट, मां संतोषी घाट, गीता देवी घाटों को सजाने का काम युद्धस्तर पर शुरू हो गया है. शहर के पांच नंबर वार्ड के संतोषीनगर से सटे महानंदा नदी के नंबर एक मां संतोषी घाट को दुल्हन की तरह सुसज्जित किया जा रहा है. आयोजक कमेटी मां संतोषी छठ पूजा कमेटी, सामाजिक संस्था नवयुवक वृंद क्लब और जनसेवा समिति के संयुक्त पहल पर घाट को सजाने-संवारने के अलावा पूरे इलाके को प्रकाशीय सज्जा से चकाचौंध किया जा रहा है.

आयोजक कमेटी के अध्यक्ष कन्हैया पासवान ने बताया कि घाटों पर छठ मय्या के पूजा के दौरान छठव्रतियों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कतें न हो इसका पूरा ख्याल रखा जायेगा. इसके तहत आयोजक कमेटी की ओर से ही अर्घ्य के लिए कच्चा दूध आदि की व्यवस्था रहेगी. साथ ही घाटों तक छठव्रतियों को पहुंचने और उनकी सुरक्षा का भी तगड़ा इंतजाम रहेगा. आयोजक कमेटी के प्रवक्ता राजेश राय ने बताया कि सुरक्षा के तहत संस्था से जुड़े सैकड़ों युवा कार्यकर्ताओं की टीम बनायी गयी है जो चप्पे-चप्पे पर मुश्तैद रहेंगे. यहलोग श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण भी करेंगे. इसके लिए पुलिस प्रशासन से भी सहयोग करने की गुजारिश की गयी है.

इसके अलावा घाट पर खोया-पाया के प्रचार-प्रसार, मेडिकल टीम, एंबुलेंस आदि की आपातकालीन समुचित व्यवस्था रहेगी. आयोजक कमेटी के धनंजय गुप्ता ने बताया कि रविवार की शाम को संध्या अर्घ्य के बाद नंबर एक मां संतोषी घाट छठ मय्या के भजन-गीतों से सराबोर हो उठेगा. बिहार-यूपी के मशहूर लोक कलाकार अरूण सोनी, प्रह्लाद प्रेमी व प्रिया मिश्रा की टीम भजन-गीतों और नृत्य से श्रद्धालुओं का मनोरंजन करेंगे.

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