सिलीगुड़ी. कर का भुगतान नहीं करनेवालों पर नगर निगम शिकंजा कसने जा रहा है. बकाया कर भुगतान के लिए सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य ने 31 मार्च तक का समय दिया है. निगम का कर बकाया रखनेवाले सभी सरकारी व गैरसरकारी संस्थानों को अविलंब कर भुगतान करने का नोटिस दिया जा चुका है. 31 मार्च तक भुगतान नहीं करनेवाले संस्थानों की परिसेवा धीरे-धीरे बंद कर दी जायेगी. यह जानकारी मेयर अशोक भट्टाचार्य ने स्वयं दी है.
निगम से मिली जानकारी के अनुसार, करीब चालीस करोड़ रुपया कर के रूप में विभिन्न सरकारी तथा गैरसरकारी कार्यालयों व संस्थानों के पास बकाया है. इसमें निजी संस्थानों के पास करीब 20 करोड़, सरकारी संस्थानों के पास दस करोड़ और अन्य के पास करीब दस करोड़ रुपये निगम का कर बकाया है. सरकारी संस्थानों में केंद्र व राज्य सरकार के कई कार्यालय भी शामिल हैं.
पत्रकारों को संबोधित करते हुए मेयर अशोक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य व केंद्र सरकार का भुगतान ना करने पर परिसेवा बंद कर दी जाती है. यहां तक कि आयकर विभाग चक्कर काटने लगता है. लेकिन जब वही सरकारी कार्यालय निगम के कर का भुगतान ना करे, तो उनके साथ क्या सलूक करना चाहिए? श्री भट्टाचार्य ने कहा कि बिजली बिल समय पर जमा ना करने पर कनेक्शन काट दिया जाता है. इनकम टैक्स ना देने पर गिरफ्तारी होती है. इसी प्रकार निगम का टैक्स भुगतान ना करने पर निगम से प्रदत्त परिसेवाएं बंद कर दी जायेंगी. उन्होंने कहा कि कई सरकारी कार्यालय ऐसे हैं जिनका वर्षों का टैक्स बकाया है. टैक्स भुगतान करने के लिए कई बार पत्र भेजा गया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. इसलिए यह कदम उठाने के लिए निगम को बाध्य होना पड़ रहा है.
निगम का कर बकाया रखने वाले सभी संस्थानों और नागरिकों को पत्र भेजा जा चुका है. सभी को 31 मार्च तक समस्त बकाया का भुगतान करने के लिए कहा गया है. किसी भी तरह का प्रतिउत्तर ना मिलने पर निगम द्वारा दी जाने वाली परिसेवाएं धीरे-धीरे बंद कर दी जायेंगी. पत्रकार सम्मेलन में डिप्टी मेयर राम भजन महतो, मेयर परिषद सदस्य मुकुल सेनगुप्ता, शंकर घोष, जय चक्रवर्ती आदि उपस्थित थे.
