सिलीगुड़ी: तृणमूल कांग्रेस ने विभिन्न मांगों को लेकर की नारेबाजी, महकमा परिषद कार्यालय घेरा

सिलीगुड़ी: पिछले महीने सिलीगुड़ी नगर निगम के घेराव के बाद बुधवार को महकमा परिषद की बारी थी. राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस हर ओर से सिलीगुड़ी में नगर निगम तथा महकमा परिषद पर सत्तारूढ़ वाम मोरचा को घेरने में लगी है.आज फांसीदेवा ब्लॉक दो तृणमूल कांग्रेस की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर महकमा परिषद […]

सिलीगुड़ी: पिछले महीने सिलीगुड़ी नगर निगम के घेराव के बाद बुधवार को महकमा परिषद की बारी थी. राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस हर ओर से सिलीगुड़ी में नगर निगम तथा महकमा परिषद पर सत्तारूढ़ वाम मोरचा को घेरने में लगी है.आज फांसीदेवा ब्लॉक दो तृणमूल कांग्रेस की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर महकमा परिषद का घेराव किया.

दोपहर को फांसीदेवा,माटीगाड़ा,विधान नगर आदि इलाके से हजारों की संख्या में तृणमूल कांग्रेस समर्थक सिलीगुड़ी पहुंचे. आंदोलन की अगुवाइ तृणमूल ब्लॉक अध्यक्ष तथा महकमा परिषद में विरोधी दल नेता काजल घोष कर रहे थे. सभी तृणमूल समर्थक नारेबाजी करते हुए महकमा परिषद कार्यालय पहुंचे. उस समय माकपा के सभाधिपति तापस सरकार अपने कार्यालय में ही थे. किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए सुरक्षा के भी भारी इंतजाम किये गए थे.

भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती गयी थी. महिला जवानों को भी बुला लिया गया था.एक बार जब हजारों की संख्या में तृणमूल समर्थक महकमा परिषद कार्यालय पहुंच गये तो वह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. महकमा परिषद के सभाधिपति तथा वाम मोरचा के खिलाफ भारी नारेबाजी की गयी. नारेबाजी का यह सिलसिला काफी देर तक चलता रहा. उसके बाद तापस सरकार ने विरोधी दल नेता तथा आंदोलन की अगुवाइ कर रहे काजल घोष को मिलने के लिए बुलाया. इस मौके पर तृणमूल नेता नांटू पाल और कृष्ण चंद्र पाल आदि भी उपस्थित थे,लेकिन वह सभाधिपति से मिलने नहीं गये. काजल घोष,एइनुल हक,प्रबीर राय आदि नेता श्री सरकार से मिलने पहुंचे और उन्हें 14 सूत्री मांगों के समर्थन में एक ज्ञापन दिया.इसके साथ ही इन मांगों को पूरा करने के लिए एक महीने का अल्टीमेटम भी दिया.

इस दौरान समस्या सामाधान नहीं होने की स्थिति में बड़े आंदोलन की धमकी भी दी गयी. ज्ञापन देने के बाद बाहर निकलकर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि महकमा परिषद इलाके में विकास का काम ठप है. अगर थोड़ा बहुत कोइ काम होता भी है तो उसमें राजनीति की जाती है. यहां तक कि महकमा परिषद के स्थायी समिति में विरोधी दलों के सदस्यों को रखा तक नहीं जाता. उन्होंने इन समितियों में विरोधियों को भी रखने की मांग की. उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण इलाकों में पानी की काफी समस्या है. उसके बाद भी पेयजल आपूर्ति की कोइ व्यवस्था नहीं की जा रही है.

तृणमूल सदस्यों के इलाके को लेकर राजनीति की जा रही है.मार्क टू ट्यूबवेल तृणमूल सदस्यों के इलाकों में नहीं लगाये जा रहे हैं. इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बने सड़कों के साथ ही ग्रामीण इलाकों में बने अन्य बदहाल सड़कों की तत्काल मरम्मत करने की भी मांग उन्होंने की.उन्होंने सजल धारा योजना में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया और इसकी जांच की मांग की.श्री सरकार ने आगे कहा कि ज्ञापन में सौ दिन रोजगार योजना के तहत सभी को काम देने,आम लोगों की सुविधा के लिए कोलकाता में महकमा परिषद भवन बनाने आदि की भी मांग की गयी है. अन्य मांगों के संबंध में श्री सरकार ने आगे कहा कि सरकारी नियमानुसार महकमा परिषद की आम बैठक बुलाने सहित पानीटंकी,नक्सलबाड़ी,बागडोगरा,शिव मंदिर इलाके में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान बेदखल दुकानदारों को दुकान बनाकर देने की भी मांग की गयी है.

क्या कहते हैं सभाधिपति

तृणमूल का घेराव अभियान खत्म होने के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए महकमा परिषद के सभाधिपति तापस सरकार ने कहा कि 14 सूत्री मांगों को लेकर तृणमूल कांग्रेस का ज्ञापन उन्हें मिला है. वह इन समस्याओं को दूर करने की कोशिश करेंगे. हांलाकि इसमें सबसे बड़ी परेशानी धन को लेकर है. उन्होंने राज्य की तृणमूल सरकार पर विकास कार्यों के लिए महकमा परिषद को आर्थिक सहायता नहीं देने का आरोप लगाया है.

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