स्थानीय सूत्रों ने बताया कि उदय ग्राम पंचायत तृणमूल कांग्रेस द्वारा परिचालित है. ग्राम पंचायत के नरसुंदर पाड़ा में मनरेगा के तहत सड़क बनाने का काम चल रहा था. उप-प्रधान का आरोप है कि 13 लाख रुपये की लागत से हो रहे इस काम में जमकर धांधली हो रही है. इसका विरोध करने जाने पर ग्राम पंचायत की प्रधान रेजमीनारा खातून बीबी के पति हैदर अली सरकार और उनके दलबल ने उप-प्रधान को बुरी तरह मारा-पीटा. उप-प्रधान नारायण चंद्र बर्मन ने कहा कि नियमों को ताक पर रखकर काम कराया जा रहा था. प्रधान और उनके पति ने अपने आदमी को काम का ठेका दिलाया है.
साढ़े सात इंच ढलाई की बात थी, लेकिन छह इंच की ही ढलाई की गयी है. वह भी निर्माण सहायक की गैरमौजूदगी में. मैंने इसका विरोध किया, तो प्रधान के पति ने बंदूक की बट से मेरे सिर पर हमला किया. इसके बाद उनके लोगों ने लाठी-डंडे से मुझे मारा. किसी तरह वह बचकर अस्पताल पहुंचे.
वहीं प्रधान ने उल्टा आरोप उप-प्रधान पर ही लगाया है. उनका कहना है कि उप-प्रधान ने ग्रामीणों को बताया था कि साढ़े सात इंच की ढलाई होगी. और जब ग्रामीणों ने छह इंच की ढलाई देखी, तो ग्रामीणों ने ही उप-प्रधान को पीटा. इसमें उनकी या उनके पति की कोई भूमिका नहीं है.
