सिलीगुड़ी: तमाम कोशिशों के बाद भी मौत के आगे रेशमी साह की एक ना चली.करीब 97 प्रतिशत तक जल चुकी बीरपाड़ा की रहने वाली रेशमी ने मंगलवार को उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में दम तोड़ दिया. उसकी यहीं चिकित्सा चल रही थी. तमाम कोशिशों के बाद भी 22 वर्षीय रेशमी को डॉक्टर बचा नहीं सके. उसकी मौत के बाद पति संजय साह तथा सास एवं ससुर सहित छह के खिलाफ माटीगाड़ा थाना अंतर्गत मेडिकल कॉलेज आउट पोस्ट में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है.
इन तीनों के खिलाफ बीरपाड़ा थाने में पहले से जला कर हत्या करने की कोशिश का मामला दर्ज है.मंगलवार को रेशमी की मां राम दुलारी देवी ने पति संजय साह,सास रीता देवी तथा ससुर राजेंद्र साह पर बेटी को जला कर जान से मार डालने का आरोप लगाया. राम दुलारी देवी ने आगे कहा कि उन्होंने आठ महीने पहले सामाजिक रित के अनुसार बीरपाड़ा के ही रहने वाले संजय साह के साथ अपनी बेटी की शादी की थी.शादी के बाद से ही ससुराल वाले उनकी बेटी पर बदचलन होने का आरोप लगाकर मारपीट करते थे.
आखिरकार शनिवार को उसके शरीर पर किरासन तेल डाल कर उसे आग के हवाले कर दिया गया. आज उनकी बेटी ने दम तोड़ दिया है. राम दुलारी ने आगे कहा कि शादी से पहले उनकी बेटी के साथ एक बार छेड़छाड़ की घटना घटी थी. शादी के समय ससुराल वालों को इसकी जानकारी नहीं थी. बाद में ससुराल वालों को इस घटना का पता चल गया. उसके बाद से ही पति,सास और और ससुर उसके उपर शारीरिक और मानसिक अत्याचार करने लगे.उन्होंने कहा कि शनिवार को ही फोन पर उनकी बातचीत बेटी के साथ हुयी थी. तब रेशमी ने बताया था कि ससुराल वाले बदचलन बोलकर अत्याचार करते हैं.
फोन पर उन्होंने बेटी को सबकुछ ठीक हो जाने का दिलासा भी दिलाया था. उसी दिन शाम को पता चला कि उनकी बेटी ने स्वयं को आग लगा लिया है. दरअसल उनकी बेटी ने स्वयं आग नहीं लगाया है.ससुराल वालों ने आग लगा कर उसकी हत्या की है.उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाइ की मांग की है.इसबीच आरोपी पति संजय साह ने इसे आत्म हत्या का मामला करार दिया है.उसने कहा कि रेशमी के साथ कोइ ज्यादाती नहीं की गयी. रेशमी के लिए वह माता-पिता से भी अलग हो गया था. वह अपने पैतृक मकान में ही ग्राउंड फ्लोर में रेशमी को लेकर रहता था.जिस दिन यह घटना घटी वह घर पर नहीं था. हांलाकि रेशमी के साथ उसकी सुबह में कहा सूनी अवश्य हुयी थी.
रेशमी मोबाइल पर गेम खेल रही थी. इसी दौरान उसने उसे कोइ काम करने को कहा,जो वह नहीं की. इसी बात को लेकर उसको डांटा था. शायद इसी वजह से उसने आत्महत्या कर ली. उसने कहा कि आग लगने के बाद चीख पूकार सुनकर उनके माता-पिता तथा पास-पड़ोस के लोग उसे बचाने आये थे. तबतक वह काफी जल चुकी थी.इधर,माटीगाड़ा थाना पुलिस का कहना है कि घाटना बीरपाड़ा थाना क्षेत्र में घटी है. पुलिस बीरपाड़ा थाने के संपर्क में है.
