अब भाकपा ने सिलीगुड़ी को जिला बनाने की भरी हुंकार

सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी नागरिक वृहत्तर मंच, भाजपा और कांग्रेस के बाद अब वाम मोरचा के एक घटक दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने भी अब सिलीगुड़ी को जिला बनाने के लिए हुंकार भरी है. यह हुंकार सोमवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में आयोजित प्रेस-वार्ता के दौरान भाकपा के दार्जिलिंग जिला इकाई के सचिव अनिमेश बनर्जी ने […]

सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी नागरिक वृहत्तर मंच, भाजपा और कांग्रेस के बाद अब वाम मोरचा के एक घटक दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने भी अब सिलीगुड़ी को जिला बनाने के लिए हुंकार भरी है. यह हुंकार सोमवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में आयोजित प्रेस-वार्ता के दौरान भाकपा के दार्जिलिंग जिला इकाई के सचिव अनिमेश बनर्जी ने मीडिया के सामने भरी.

वाम मोरचा के अन्य घटक दलों की अनदेखी कर और पहले से जानकारी दिये बगैर ही भाकपा ने सिलीगुड़ी को जिला बनाने के लिए भावी आंदोलन की रणनीति का खाका भी तैयार कर लिया है. मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए श्री बनर्जी ने वाम मोरचा को आंदोलन बाबत जानकारी न देने की बात स्वीकार की. साथ ही उन्होंने कहा कि कल यानी मंगलवार को वाम मोरचा को लिखित रूप से एक चिट्ठी देकर आंदोलन करने की सूचना दी जायेगी. इस बाबत उनका कहना है कि सिलीगुड़ी को जिला बनाने के लिए आंदोलन करने का फैसला भाकपा का खुद का फैसला है. भाकपा के इस आंदोलन को अगर माकपा सहित वाम मोरचा अन्य घटक दल समर्थन करते हैं तो अच्छी बात है. अगर नहीं तो भाकपा अकेले ही लड़ाई लड़ेगी.

उन्होंने ऐसे कई आंदोलनों का उदाहरण देते हुए बताया कि वाम मोरचा के बगैर ही भाकपा ने कई जन आंदोलन किया है. श्री बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से ही छोटे राज्यों और छोटे जिलों की पक्षधर रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि वह छोटे शहरों को जिला व महकमा में तब्दील कर रही है वह धन्यवाद की पात्र हैं, लेकिन सिलीगुड़ी के साथ वह भेदभाव की राजनीति कर रही है. अलीपुरद्वार, कालिंपोंग जैसे छोटे शहर जिला हो सकते हैं तो बंगाल का दूसरा सबसे बड़ा आर्थिक राजधानी कहा जानेवाला सिलीगुड़ी जिला क्यों नहीं हो सकता. सिलीगुड़ी पूर्वोत्तर राज्यों समेत पड़ोसी देश नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के लिए भी काफी महत्त्वपूर्ण ही नहीं बल्कि सेतु का काम करता है. प्रशासनिक स्तर, शिक्षा, वाणिज्य, पर्यटन, यातायात, जनसंख्या हरेक दष्टिकोण से सिलीगुड़ी को काफी पहले ही जिला बनाया जाना जरूरी था. लेकिन गंदी राजनीति के वजह से सिलीगुड़ी के साथ दोहरी राजनीति की जा रही है. श्री बनर्जी ने कहा कि अगर सिलीगुड़ी जिला होता है तो इसका लाभ प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से पूरे उत्तर बंगाल के लोगों मिलेगा.

उन्होंने भावी आंदोलन के तहत लोगों को एकजूट करने, प्रचार-प्रसार करने, रैली, धरना-प्रदर्शन के जरिये सरकार के साथ लड़ाई लड़ने की बात कही. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे पर कल यानी मंगलवार को सिलीगुड़ी में कांग्रेस द्वारा किये जा रहे नागरिक सम्मेलन में भाकपा के कोई भी नेता, कार्यकर्ता या प्रतिनिधि किसी भी कीमत पर शिरकत नहीं करेंगे. वह कांग्रेस का अपना पार्टी सम्मेलन है. अगर गैर राजनैतिक संगठन के बनैर तले कांग्रेस यह सम्मेलन सर्वदलीय और सिलीगुड़ी के लोगों को लेकर करती तो पार्टी भी इसमें जरूर शिरकत करती. लेकिन उन्होंने कांग्रेस के इस आंदोलन बाहर से समर्थन देने की भी बात कही. प्रेस-वार्ता के दौरान भाकपा के हिमाद्री सरकार, प्रदीप दे जैसे अन्य कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे.

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