मालदा: मुख्यमंत्री के नया विधेयक लाने से पहले राज्य के विभिन्न जिलों में निजी चिकित्सा क्षेत्र की लगाम कसने की तैयारी की जा रही है. इसी क्रम में मालदा जिले में भी गुरुवार को विभिन्न नर्सिंग होमों के संचालकों के साथ जिला अधिकारी शरद द्विवेदी ने एक बैठक की. सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक यह बैठक कलेक्ट्रेट के कांफ्रेंस हॉल में चली, जिसमें 34 नर्सिंग होमों के मालिक शामिल हुए. बैठक में मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिलीप मंडल, अतिरिक्त जिला अधिकारी आर विमला और स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन के कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल क्लीनिकल इस्टैबलिशमेंट एक्ट का नया विधेयक लाने जा रही है. इस नये विधेयक में प्राइवेट चिकित्सा केंद्रों के लिए कड़े कानूनी प्रावधान होने का संकेत मुख्यमंत्री पहले ही दे चुकी हैं. मुख्यमंत्री की भावना को समझते हुए सभी जिलों के प्रशासन भी हरकत में आ गये हैं.
जिला अधिकारी शरद द्विवेदी ने कहा कि सभी नर्सिंग होमों को बता दिया गया है कि रोगियों का ठीक से इलाज करना होगा और ठीक से बिलिंग करना होगा. इसके अलावा भी विभिन्न नियम-कानूनों का पूरा पालन करना होगा.
मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिलीप मंडल ने कहा कि नर्सिंग होमों को स्वास्थ्य विभाग के नियमों के प्रति सचेत किया गया. इलाज संबंधी खर्च की सूची टांगकर रखनी होगी. इससे अतिरिक्त पैसा नहीं लेना होगा. चिकित्सा की गुणवत्ता भी बनाये रखनी होगी. रोगी और उसके परिवार को किसी तरह की शिकायत होने पर शिकायत कहां करें, इसके लिए फोन नंबर नर्सिंग होम को मुख्य जगह पर टांगकर रखना होगा. लोग अपनी शिकायत दिये गये नंबर पर फोन करके जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से कर सकेंगे. मालदा जिले में कुल 34 नर्सिंग होम हैं. इसमें से दो को बंद करके उनकी जांच की जा रही है. एक नर्सिंग होम हरिश्चंद्रपुर में और दूसरा ओल्ड मालदा के मंगलबाड़ी में बंद कराया गया है.
डॉ मंडल ने कहा कि पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों को लेकर एक कमिटी गठित की गयी है. यह कमिटी नर्सिंग होमों पर नजर रखेगी. कई और नर्सिंग होमों में भी हमें अनियमितता मिली. कहीं आरएमओ नहीं था, तो कहीं इलाज के खर्च का चार्ट नहीं टंगा हुआ था. ऐसे नर्सिंग होमों से कैफियत तलब की गयी. इसके बाद नर्सिंग होमों ने उन अनियमितताओं को दूर कर लिया. सभी को बता दिया गया है कि सरकारी नियमों की अनदेखी बरदाश्त नहीं की जायेगी.
