वह रैली शुरू होने से पहले इसके रूट आदि की जानकारी संवाददाताओं को दे रहे थे. उन्होंने कहा कि पहली बार इस प्रकार की किसी कार रैली का आयोजन हो रहा है, जो तीन देशों से गुजरेगी. उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते इस प्रकार के रैली आयोजन से और अधिक प्रगाढ़ होंगे. भारत, नेपाल तथा भूटान आपस में पड़ोसी देश हैं. देशों की सरकारें कूटनीतिक तरीके से आपसी संबंध मजबूत करते हैं.
दूसरी तरफ आम लोग भी अपने स्तर से एक-दूसरे देश के लोगों के साथ संबंध मजबूत करते हैं. उन्हें उम्मीद है कि इस रैली के आयोजन से उत्तर बंगाल के लोगों का पड़ोसी नेपाल तथा भूटान के साथ भावनात्मक संबंध स्थापित होगा. उन्होंने आगे कहा कि इस बार रैली में सिर्फ भारतीय ड्राइवर ही नहीं, बल्कि नेपाल के ड्राइवर भी शामिल हो रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बंगाल के पड़ोसी देशों के आम लोगों के बीच आपसी रिश्ता प्रगाढ़ करने पर जोर दे रही हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए इस साल भारत तथा भूटान के साथ ही नेपाल को शामिल किया गया है.
अगले साल बांग्लादेश को भी इस रैली के साथ जोड़े जाने की उनकी योजना है. चीफ रैली कॉर्डिनेटर बिन्नी शर्मा ने भी संवाददाओं से बातचीत की. संवाददाता सम्मेलन में संजय शर्मा भी उपस्थित थे.के लिए भूमि पूजन की. यह सार्वजनिक भवन दार्जिलिंग नगरपालिका के वार्ड नंबर 17 में बनाया जायेगा. इस अवसर पर जीटीए के सूचना एवं संस्कृति विभाग के सभासद विनय तामांग, क्षेत्रीय सभासद सहित स्थानीय लोग भी मौजूद थे. कार्यक्रम का शुभारंभ पुरोहित द्वारा मंत्रोच्चार के साथ हुआ. सार्वजनिक भवन की मांग यहां की जनता काफी दिनों से कर रही थी. इसी मांग को ध्यान में रखते हुए आज श्री बिलम गुरूंग ने भूमि पूजन की.
