इसलिए अस्थायी शिक्षक शिक्षिकाओं को स्थायी करने का अधिकार जीटीए के पास ही है. जीटीए को नजरअंदाज करना नहीं चलेगा. लेकिन इसको लेकर राजनीति हो रही है. इस संदर्भ में बातचीत करने के लिये राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने 16 फरवरी को बुलाया उन्हें बुलाया है.
जीटीए के शिक्षा विभागीय अधिकारी भी इस बैठक में शामिल होंगे. वह स्वयं सभी को स् जीटीए के माध्यम से स्थायी करने की मांग शिक्षा मंत्री से करेंगे. उनकी मांगें नहीं मानने पर वह अदालत भी जायेंगे. श्री गिरि ने यह भी कहा कि जीटीए के गठन का पांच साल होने जा रहा है. उसके बाद भी जीटीए समझौते के अनुसार विभागों का हस्तांतरण नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि कल मंगलवार को कालिम्पोंग को अलगा जिला बनाया जा रहा है.यह सही है और इसका वह स्वागत करते हैं. लेकिन सिर्फ वोट के लिए अलग जिला नहीं होना चाहिए. उस जिले का विकास भी होना चाहिए.
