संभल जाइए! सिलीगुड़ी पुलिस घर भेज रही चालान

नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करना पड़ सकता है भारी सड़क जाम से निजात के लिए पुलिस ने उठाया कदम सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी को किसी इंटरनेशनल शहर जैसा बनाने का राज्य की मुख्यमंत्री का सपना अब भी सपना ही है, लेकिन सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट ने जाम की समस्या और मनमाना पार्किंग के खिलाफ विदेशों वाला […]

नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी करना पड़ सकता है भारी
सड़क जाम से निजात के लिए पुलिस ने उठाया कदम
सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी को किसी इंटरनेशनल शहर जैसा बनाने का राज्य की मुख्यमंत्री का सपना अब भी सपना ही है, लेकिन सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट ने जाम की समस्या और मनमाना पार्किंग के खिलाफ विदेशों वाला एक नियम अपना लिया है. अब नो पार्किंग जोन में खड़ी गाड़ियों को तत्काल जब्त नहीं किया जाता, बल्कि डाक के माध्यम से चालान गाड़ी मालिक के घर भेजा जा रहा है.
सिलीगुड़ी में जाम की समस्या गहराती जा रही है. सभी सड़कों का हाल कमोबेश एक सा ही दिखता है. शहर का हिलकार्ट रोड हो,सेवक रोड हो या फिर विधान रोड, सभी सड़कों के दोनों ओर चारपहिया और दुपहिया वाहनों की लंबी कतार खड़ी रहती है. यहां बता दें कि इन सड़कों के किनारे सिलीगुड़ी नगर निगम की इजाजत से पार्किंग जोन की व्यवस्था की गयी है. लेकिन पार्किंग शुल्क बचाने के चक्कर में गाड़ीवाले नो पार्किंग जोन में गाड़ी खड़ी कर देते हैं. सड़क का एक हिस्सा घेरकर गाड़ियों की कतार लगा दी जाती है.
सड़क के दोनों ओर बड़ी-बड़ी गाड़ियां खड़ी होने से सड़क सिकुड़ जाती है. शहर में जाम की समस्या गहराने का यह प्रमुख कारण है. इसके खिलाफ प्रशासन की ओर से कई बार अभियान चलाया गया. नो पार्किंग जोन में खड़ी गाड़ियों को कई बार हटाया गया, लेकिन गाड़ीवालों की अक्ल ठिकाने नहीं आयी. विकसित देशों और भारत के भी कुछ चुनिंदा शहरों में ट्रैफिक नियम तोड़ने वाली गाड़ियों को तत्काल जब्त नहीं किया जाता है. कैमरे में गाड़ी की तस्वीर कैद हो जाती है. फिर गाड़ी नंबर के जरिए गाड़ी मालिक के पास चालान भेज दिया जाता है.
ठीक यही तरीका सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट के ट्रैफिक विभाग ने भी अपनाया है. पिछले कुछ दिनों से सिलीगुड़ी की सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस की काफी गश्त देखी जा रही है. लेकिन सड़क के किनारे नो पार्किंग जोन में खड़ी गाड़ियों को जब्त नहीं किया जा रहा है, बल्कि गाड़ी नंबर लेकर डाक के मार्फत मालिक के घर चालान भेजा रहा है. कई गाड़ी मालिकों के घर चालान पहुंचने का मामला भी सामने आया है.
इस संबंध में डिप्टी पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक) सुनील यादव से संपर्क साधा गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मौके पर ही चालान करने या गाड़ी जब्त करने के मुकाबले यह काफी आसान तरीका है.
एक ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नो पार्किंग जोन में खड़ी गाड़ियों को जब्त कर थाने ले जाना एक समस्या है. इसके अलावा गाड़ी मालिक या चालक गाड़ी खड़ी कर अपना काम निपटाने चले जाते हैं, मौके पर ही जुर्माना करने के लिए उनके आने तक का इंतजार करना होता है. इससे बेहतर है कि उनके घर ही चालान भेज दिया जाये. इस पद्धति में भ्रष्टाचार की भी कोई गुंजाइश नहीं है.

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