वर्तमान नगरपालिका अध्यक्ष ने लगाया आरोप
पूर्व मंत्री कृष्णेंदु चौधरी निशाने पर
मुख्यमंत्री को दी गयी पूरी जानकारी
बोर्ड बैठक में कार्रवाई पर होगा फैसला
मालदा : मालदा के इंगलिश बाजार नगरपालिका में सत्ता बदलते ही समीकरण भी बदल गया है. नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन कृष्णेन्दु चौधरी सीधे-सीधे वर्तमान चेयरमैन निहार घोष के निशाने पर आ गये हैं. निहार घोष ने कृष्णेन्दु चौधरी पर कचरा सफाई योजना में सरकारी पैसे की हेराफेरी का आरोप लगाया है. बृहस्पतिवार को नगरपालिका के सभागार में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री घोष ने कहा कि पूर्व चेयरमैन ने इस्तीफा देने से पहले जल्दबाजी में टेंडर निकाल कर 50 लाख रुपये का बिल भुगतान कर दिया है.
जबकि काम कुछ भी नहीं हुआ है. सरकारी पैसे के इस हेराफेरी की शिकायत राज्य के शहरी विकास तथा नगरपालिका विभाग को दी गई है.
श्री घोष ने बताया कि इस मद में 50 लाख रुपये के भुगतान के बाद कार्य का जायजा लेने के लिए नगरपालिका के इंजीनियर विभिन्न इलाकों के दौरे पर गये थे. इस पैसे से क्या काम हुआ, इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पायी. कहीं भी निकासी नाला दुरुस्त नहीं है.
जल जमाव की समस्या भी जस की तस बनी हुई है, जबकि 50 लाख रुपये का भुगतान जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के नाम पर किया गया है. उन्होंने सरकारी धन के इस हेराफेरी पर अपनी नाराजगी भी जाहिर की है. श्री घोष ने आरोप लगाते हुए कहा कि बगैर किसी काम के ही 50 लाख रुपये खर्च हो गये हैं.
अब जल निकासी व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए उन्हें फिर से काम करना होगा. नगरपालिका के पास इस मद में पैसे ही नहीं बचे हैं. शहर के छह नंबर वार्ड में जल निकासी व्यवस्था काफी बदहाल है. यहां नाले में गंदगी के जमाव से आम लोग काफी परेशान हैं. स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत जब नगरपालिका से की, तो विभागीय इंजिनयर जायजा लेने के लिए मौके पर गये थे. वहां पता चला कि निकासी व्यवस्था के लिए नाले का निर्माण ही नहीं हुआ है, जबकि नगरपालिका के दस्तावेज में नाला बनाने की बात कही गयी है. जाहिर है कि बगैर काम के ही पैसे ले लिये गये हैं. सिर्फ छह नंबर वार्ड ही नहीं, शहर के अन्य वार्डों में भी इसी प्रकार की स्थिति देखी गई. पशु अस्पताल के सामने भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है. वहां भी जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई है.
श्री घोष ने कहा कि इंगलिश बाजार नगरपालिका इलाके में जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करना सबसे बड़ी चुनौती है. फिर से इस व्यवस्था को तैयार करना होगा. उन्होंने इसको लेकर कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात भी की है. लक्ष्मीपुर में ड्रेनेज परियोजना की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी गई है.
लक्ष्मीपुर में ड्रेनेज योजना शुरू होने से शहर को इसका फायदा होगा. इतना ही नहीं, शहर में जल निकासी की पूरी व्यवस्था अंडरग्राउंड करने पर विचार किया जा रहा है. इसके लिए राज्य के शहरी विकास एवं नगरपालिका मंत्री फिरहाद हकीम से मदद मांगी गई है. उनसे इस मद में अधिक धन उपलब्ध कराने की मांग की गई है.
उन्होंने एक रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है. उम्मीद है कि इस मद में कुछ करोड़ रुपये नगरपालिका को मिल जायेंगे. रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में श्री घोष ने कहा कि पार्षदों की बैठक में इस पर विचार-विमर्श किया जायेगा.
क्या कहते हैं कृष्णेंदु
दूसरी तरफ इस मामले में पूर्व चेयरमैन कृष्णेन्दु चौधरी ने साफ-साफ कहा है कि कोई गैर कानूनी काम नहीं हुआ है. नगरपालिका कानून को मानकर ही उन्होंने काम किया है. सबकुछ नगरपालिका के दस्तावेज में रिकार्ड है. इंजीनियर, कंजरर्वेन्सी इंस्पेक्टर तथा संबंधित इलाके के पार्षदों को जानकारी देकर ही बिल का भुगतान किया गया है. उन्होंने वर्तमान चेयरमैन के आरोपों को पूरी तरह से गलत और आधारहीन करार दिया.
