पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं है परिवार

सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी के पत्रकार विप्लव विश्वास की रहस्मय मौत का मामला धीरे-धीरे उलझता जा रहा है. पुलिस जहां इसे एक दुर्घटना का मामला बताकर केस बंद कर देना चाहती है, वहीं दूसरी ओर मृतक पत्रकार के परिवार वाले इसे हत्या का मामला बता रहे हैं. इतना ही नहीं, सिलीगुड़ी थाने में मृतक की पत्नी […]

सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी के पत्रकार विप्लव विश्वास की रहस्मय मौत का मामला धीरे-धीरे उलझता जा रहा है. पुलिस जहां इसे एक दुर्घटना का मामला बताकर केस बंद कर देना चाहती है, वहीं दूसरी ओर मृतक पत्रकार के परिवार वाले इसे हत्या का मामला बता रहे हैं. इतना ही नहीं, सिलीगुड़ी थाने में मृतक की पत्नी पूजा विश्वास ने हत्या की शिकायत भी दर्ज करायी है.
उसके बाद भी पुलिस इस दिशा में जांच नहीं कर रही है. पुलिस की इस भूमिका को लेकर परिवार वालों में नाराजगी है. परिवार वालों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. यहां उल्लेखनीय है कि पिछले महीने 29 जनवरी से पत्रकार विप्लव विश्वास लापता थे. तीन दिनों बाद पता चला कि उनकी मौत हो गई है. परिवार वालों को पत्रकार का शव उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज के मुर्दाघर से मिला. बाद में पुलिस ने बताया कि एक सड़क दुर्घटना में पत्रकार की मौत हुई थी. सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मृतक की पत्नी पूजा विश्वास ने पुलिस पर कई प्रकार के आरोप लगाये.
उन्होंने बताया कि पुलिस के अनुसार 29 जनवरी को ही उनके पति की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. वह 29 जनवरी को अपनी बीमारी की वजह से अस्पताल में भरती थी और उसी दिन शाम को करीब पांच बजे पति से उनकी बात हुई थी. तब पति ने अस्पताल आने की बात कही थी. वह अस्पताल नहीं आये. पुलिस का कहना है कि पत्रकार के साथ यह सड़क दुर्घटना रात के करीब 7.30 मिनट पर हुई. अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार उन्हें 8.11 मिनट पर सिलीगुड़ी अस्पताल में भरती कराया गया. उनके पति जब पांच बजे उनसे बातचीत कर कुछ ही देर में अस्पताल आने की बात कर रहे थे, तो फिर 7.30 बजे तक वह कहां थे. पुलिस को यह भी पता लगाना चाहिए था.
जिस दिन सड़क दुर्घटना होने का दावा पुलिस कर रही है उस दिन किसी भी थाने में इसकी एफआइआर दर्ज नहीं है. सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस के अधीन किसी भी थाने में सड़क दुर्घटना होने का कोई जिक्र नहीं है. अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार विप्लव की मौत उसी दिन रात को 11 बजे हो गई थी. अस्पताल ने भी इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए सीधे उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया.
नियमानुसार, किसी अज्ञात व्यक्ति की मौत होने के बाद शव के पोस्टमार्टम के लिए 24 घंटे का इंतजार किया जाता है. इस नियम की अनदेखी की गई. पोस्टमार्टम करने के बाद शव को मुर्दाघर में रख दिया गया. उनके पति की जब मौत हुई थी तो उनके पास पहचान पत्र के अलावा कैमरा, पर्स, मोबाइल फोन आदि भी थे. उनकी स्कूटी का भी कई दिनों तक पता नहीं चला. पुलिस चाहती तो पहचान पत्र और मोबाइल के जरिये परिवार वालों का पता लगा सकती थी. पुलिस ने ऐसा क्यों नहीं किया, इसकी भी जांच की जरूरत है.
इस घटना के कई दिनों बाद पुलिस ने न्यूजलपाईगुड़ी थाना अंतर्गत गोरामोड़ इलाके के एक राइस मिल से स्कूटी बरामद करने की बात कही है. स्कूटी के कागजात अब तक बरामद नहीं हुए हैं. इसके अलावा विप्लव के पर्स, पहचान पत्र तथा एक मोबाइल फोन का भी पता नहीं चला है. उसका कैमरा अस्पताल में होने का दावा किया गया. यह कैसे संभव है कि जिन लोगों ने उसे अस्पताल में भरती कराया, वह मोबाइल और पर्स तो ले गये लेकिन कैमरा अस्पताल में जमा करा गये. यह पूरा मामला रहस्यमय लग रहा है. पूजा विश्वास ने आगे कहा कि उन्होंने इस मामले में एक हत्या की शिकायत सिलीगुड़ी थाने में दर्ज करायी है. पुलिस अभी भी इस दिशा में जांच नहीं कर रही है. उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.
कहीं मारपीट से तो नहीं हुई मौत
इस बीच, विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 29 जनवरी को पत्रकार विप्लव विश्वास के साथ सही में सड़क दुर्घटना हुई थी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विप्लव विश्वास ने अपनी स्कूटी से गोरामोड़ स्थित राइस मिल के एक कर्मचारी को ठोक दिया था. कहते हैं कि उसके बाद ही राइस मिल के कर्मचारियों ने पत्रकार विप्लव विश्वास के साथ मारपीट की. स्कूटी भी कर्मचारियों ने अपने कब्जे में ले लिया था. बाद में इसी मिल से पुलिस ने स्कूटी को बरामद किया. आरोप यह भी है कि कर्मचारियों के हमले में ही कहीं विप्लव विश्वास की मौत हो गई होगी.
माथे पर गंभीर चोट के निशान
मृतक की पत्नी पूजा विश्वास का दावा है कि जब उन्होंने शव को देखा तो उसके माथे पर गंभीर चोट के निशान पाये गये. माथे के अलावा सिर्फ पैर में खरोंच के निशान पाये गये थे. उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर दुर्घटना होने का दावा पुलिस कर रही है, वहां मैस्टिक रोड है.
अगर सही में कोई स्कूटी से दुर्घटनाग्रस्त होगा तो उसके पूरे शरीर पर खरोंच के निशान मिलेंगे, जबकि विप्लव विश्वास के शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं पाये गये हैं. उसके सर पर दो स्थानों पर चोट के निशान हैं. ऐसा लगता है कि किसी ने रॉड आदि से उसके सर पर वार किया होगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >