सिलीगुड़ी : राज्य में पहली बार वन प्राणियों के संरक्षण के लिए चाय बागान मालिकों के संगठन से जुड़े सदस्यों को भी राज्य सरकार ने जिम्मेदारी दी है. डीबीआइटीए, टाई के उत्तर बंगाल ब्रांच कमेटी के तीन लोगों को राज्य सरकार ने वन्य प्राणी संरक्षण के लिए वार्डन नियुक्त किया है.
टी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव प्रवीण कुमार भट्टाचार्य, टी संगठन के उत्तर बंगाल शाखा के सचिव रामअवतार शर्मा तथा डुवार्स ब्रांच इंडियन टी एसोसिएशन के सचिव सुमंत गुहा ठकुराता को यह जिम्मेदारी दी गई है. सोमवार को इस आशय का पत्र राज्य सरकार की ओर से तीनों को मिल गया है. प्रवीण भट्टाचार्य ने बताया है कि वह पहले डुवार्स डीबीआइटीए के सचिव थे. उन्हें पता है कि कैसे हाथी जंगल से चाय बागानों में आकर श्रमिकों के क्वार्टर तथा फसल को नुकसान पहुंचाते हैं. हाथियों तथा जंगली जानवरों के हमले में प्राण हानि भी होती है. चाय बागानों में चीते ने अपना घर तक बना लिया है.
जब चाय श्रमिक काम करने के लिए बागान में जाते हैं, तो कई बार चीते के हमले का शिकार हो जाते हैं. चीते के हमले में कई चाय श्रमिक घायल भी हो चुके हैं. इस मुद्दे को लेकर वन विभाग के साथ उन्होंने पहली भी कई बार बातचीत की थी. अब उन्हें नयी जिम्मेदारी मिली है. वन्य जीवों के संरक्षण पर उनका विशेष जोर रहेगा. इसके साथ ही हाथी चीता आदि जैसे वन्य जीव रिहायशी इलाके में न आ सके, इसके लिए ही काम करेंगे. दूसरी तरफ रामअवतार शर्मा तथा सुमंत गुहा ठकुराता ने कहा है कि चाय बागानों में हाथियों के हमले जैसी घटना काफी आम हो चुकी है. इसके अलावा चीता तथा जंगली भैंसे भी तांडव मचाते हैं. ऐसे जानवरों को पकड़ने के लिए समय-समय पर चाय बागानों में पिंजरे लगाये जाते हैं. जंगली जानवरों को पकड़ने के लिए वह लोग शुरू से ही वन विभाग के साथ सहयोग करते रहे हैं. दोनों ने कहा कि अब एक नयी जिम्मेदारी मिली है. वह वन विभाग के साथ मिलकर इस नये जिम्मेदारी का पालन करेंगे.
