नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली पर साथ आये माकपा, तृणमूल
सिलीगुड़ी: प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होते ही अनियमितता के आरोप लगने लगे हैं. शिक्षा विभाग के खिलाफ माकपा के युवा संगठन डीवाइएफआइ के आंदोलन का तृणमूल शिक्षक संगठन ने भी समर्थन किया है. शिक्षा विभाग की गलतियों को उजागर करते हुए तृणमूल के कई नेताओं ने सिलीगुड़ी के कॉलेज पाड़ा स्थित प्राथमिक शिक्षा […]
सिलीगुड़ी: प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होते ही अनियमितता के आरोप लगने लगे हैं. शिक्षा विभाग के खिलाफ माकपा के युवा संगठन डीवाइएफआइ के आंदोलन का तृणमूल शिक्षक संगठन ने भी समर्थन किया है. शिक्षा विभाग की गलतियों को उजागर करते हुए तृणमूल के कई नेताओं ने सिलीगुड़ी के कॉलेज पाड़ा स्थित प्राथमिक शिक्षा काउंसिल ऑफिस के सामने डीवाइएफआइ और तृणमूल शिक्षक समिति के साथ विरोध प्रदर्शन किया.
उल्लेखनीय है कि प्राथमिक शिक्षकों के पूरे राज्य के करीब 12000 रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हुई है. वर्ष 2015 में राज्य शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) में उत्तीर्ण होने वाले प्रशिक्षित उम्मीदवारों को व्यक्तिगत रूप से एसएमएस भेजकर साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है. योग्य उम्मीदवारों का पैनल बनाये बगैर साक्षात्कार को लेकर माकपा के युवा संगठन डीवाइएफआइ ने आंदोलन छेड़ दिया है.
गुरुवार को एक बजे से साक्षात्कार शुरू होते हुए डीवाइएफआइ के सदस्य सिलीगुड़ी प्राथमिक शिक्षा काउंसिल ऑफिस पहुंचे और एसएमएस द्वारा कॉल किये जाने का विरोध करते हुए प्रदर्शन करने लगे. डीवाइएफआइ के जिला सचिव उदयन दासगुप्ता ने बताया कि टेट में उत्तीर्ण होने वाले योग्य उम्मीदवारों को व्यक्तिगत रूप से एसएमएस भेजकर साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है. जबकि पैनल प्रकाशित नहीं किया गया है. श्री दासगुप्ता का कहना है कि पैनल प्रकाशित करने से कोई भी उम्मीदवार कहीं से भी जानकारी हासिल कर सकता है. एसएमएस ना पाने वाले उम्मीदवार पैनल प्रकाशित होने का इंतजार ही करते रह जायेंगे. परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को पैनल की जानकारी होनी चाहिए और यह उनका अधिकार है.
जबकि राज्य शिक्षा विभाग ऐसा नहीं कर रहा है.
राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि एसएमएस के जरिए नियुक्ति प्रक्रिया के भ्रष्टाचार से युक्त होने की संभावना है. अविलंब पैनल प्रकाशित न करने पर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दर्ज करायी जायेगी. श्री दासगुप्ता ने कहा कि वास्तव में राज्य सरकार नियुक्ति चाहती ही नहीं है. इसी वजह से ऊलजुलूल फैसले ले रही है. मामला दायर होने पर फिर से यह नियुक्ति प्रक्रिया कानूनी दावं-पेच में उलझ कर रह जायेगी और राज्य में बेरोजगारी की समस्या जस की तस बनी रहेगी.
इधर माकपा के साथ तृणमूल ने भी इस नियुक्ति प्रक्रिया के खिलाफ आवाज बुलंद की है. इस नियुक्ति प्रक्रिया के खिलाफ पश्चिम बंग प्राथमिक शिक्षक समिति के जिला सचिव व तृणमूल नेता रंजनशील शर्मा ने राज्य शिक्षा विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि सिलीगुड़ी प्राथमिकी काउंसिल ऑफिस के अंतर्गत कुल 354 पद रिक्त होने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने केवल 156 रिक्त पद बताकर नियुक्ति पत्र देना शुरू कर दिया है. पूरी तालिका प्रकाशित न किये जाने की वजह से नवनियुक्त शिक्षकों को दूर के विद्यालयों में भेजा जा रहा है. कई शिक्षकों को ऐसे विद्यालय में भेजा गया है जहां विद्यार्थियों के अनुपात में शिक्षकों की संख्या अधिक है.