सिलीगुड़ी: दार्जिलिंग जिला तृणमूल कमिटी के तर्ज पर जिला महिला तृणमूल कमिटी का भी गठन कर दिया गया है. अब जिला महिला तृणमूल कमिटी को पहाड़ और समतल में बांट दिया गया है. 57 सदस्यों की समतल कमिटी में पार्टी में नयी आयी कई कार्यकर्ताओं को उच्च पद पर बैठाया गया है, जबकि पिछले कई वर्षों से पार्टी के साथ खड़ी रहने वाली नेताओं को सदस्य बनाकर खुश करने की कोशिश की गयी है. वहीं कई पुरानी महिला कार्यकर्ताओं को जिला कमिटी में स्थान तक नहीं दिया गया है. पार्टी के इस बरताव से पार्टी की पुरानी महिला कार्यकर्ताओं में भारी रोष है.
जिला तृणमूल कमिटी के बाद गुरुवार को महिला तृणमूल कमिटी की घोषणा की गयी. दार्जिलिंग जिले में पहाड़ के लिए अलग और समतल के लिए अलग-अलग कमिटी गठित की गयी है. पहाड़ की कमिटी का गठन नहीं किया गया है, हालांकि अध्यक्ष शांता राई सुब्बा को बनाया गया है. इधर 57 सदस्यों को लेकर समतल महिला तृणमूल कमिटी का गठन किया गया है. समतल कमिटी की अध्यक्ष सुष्मिता सेनगुप्ता हैं.
गुरुवार की दोपहर जिला पार्टी कार्यालय विधान भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि समतल कमिटी में तीन कार्यकारी अध्यक्ष अनिन्दिता गुहा, प्रीतिमाला एक्का और अल्पना दत्ता, उपाध्यक्ष पद पर विश्वाती चक्रवर्ती, गंगा शर्मा, रमा राय, चंद्रबाली घोष व सोमा दास हैं. इसके अतिरिक्त महासिव की श्रेणी में रीता दास, सारबानी दत्ता व आरती साहा, सचिवमंडली में दुर्गा सिंह, चंद्राणी मंडल, शुक्ला सिंह मित्रा, संगीता मौलिक, अर्चना मित्रा, प्रेरणा सिंह व गीता सरकार को रखा गया है. संयुक्त सचिव की सूची में मरजीना परवीन, तुलतुली सरकार, छरिसीला हेमब्रम, शेफाली खलखो, कृष्णा टुडू और उत्तरा सिन्हा को शामिल किया गया है. कमिटी की कोषाध्यक्षा तृप्ति राय लाहिड़ी के अलावा 18 महिलाओं को सदस्य की श्रेणी में रखा गया है. इसके अतिरिक्त पांच टाउन ब्लॉक के अलावा जिले के पंचायती इलाके को छह ब्लॉक में बांटा गया है. प्रत्येक ब्लॉक कमिटी का अध्यक्ष बना दिया गया है, उनके नेतृत्व में ब्लॉक कमिटी का गठन किया जायेगा.
इधर महिला कमिटी की घोषणा के साथ संगठन का अंदरूनी कलह सामने आया है. उल्लेखनीय है हाल ही में सिलीगुड़ी नगर निगम के पांच नंबर वार्ड की आरएसपी पार्षद दुर्गा सिंह ने तृणमूल का दामन थामा था. इतने कम समय में ही उन्हें महिला तृणमूल कमिटी की सचिव मंडली में शामिल कर लिया गया, जबकि निगम की अन्य महिला तृणमूल पार्षदों को कमिटी में स्थान तक नहीं दिया गया है. इस बात को लेकर संगठन के भीतर विवाद शुरू हो गया है.
