जलपाईगुड़ी : 24 घंटे से अधिक समय से इंटरनेट लिंक नहीं है. इसकी वजह से धूपगुड़ी शहर के चार बैंकों को छोड़कर बाकी सभी बैंकों और सरकारी व निजी ऑफिसों में काम-काज ठप है. नगरपालिका की पेयजल परियोजना की पाइप लाइन बिछाते समय जमीन के नीचे से जा रहे बीएसएनएल के टेलीफोन और इंटरनेट के तार कट गये हैं. बीएसएनएल का आरोप है कि बार-बार यह तार कटने की वजह से अब तक उसे एक करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है.
लिंक फेल होने की वजह से शनिवार को बैंक और पोस्ट ऑफिस पहुंचे ग्राहकों को पैसा नहीं मिल पाया. इसके चलते ग्राहकों में नाराजगी देखी गई. शनिवार को सुबह से ही लाइन में लोग पैसे की उम्मीद में खड़े थे. लेकिन ऑफिस खुलते ही कर्मचारियों ने बताया कि लिंक नहीं होने की वजह से किसी तरह का लेन-देन संभव नहीं है. इसके बाद ग्राहकों का गुस्सा फूट पड़ा. पहले उन्होंने पोस्ट ऑफिस कर्मियों का घेराव किया. इसके बाद वे एकजुट होकर बीएसएनएल दफ्तर पहुंचे और वहां विक्षोभ प्रदर्शन किया. ग्राहकों ने मांग की कि जल्द से जल्द लिंक ठीक करके परिसेवा चालू की जाये.
इधर, बीएसएनएल के अधिकारियों ने बताया कि तार कटने की घटना शुक्रवार को हुई है. नगरपालिका के लिए काम कर रही ठेकेदार कंपनी अब तक दस बार तार काट चुकी है. इसकी वजह से हर बार लाखों का नुकसान हुआ है. अब तक करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. अकेले शुक्रवार की घटना से करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हो चुका है.
इस मामले को लेकर बीएसएनएल ने धूपगुड़ी थाने में लिखित शिकायत दर्ज करायी है. बीएसएनएल के एक अधिकारी गौरहरि बर्निक ने बताया कि नगरपालिका के ठेकेदार की वजह से कई बार बड़ा नुकसान हो चुका है. इतना ही नहीं, कुछ सरकारी और निजी दफ्तरों के नियमानुसार एक तय समय सीमा में लिंक वापस नहीं लौटा पाने पर बीएसएनएल को जुर्माना भी देना पड़ता है. शुक्रवार की घटना के बाद लाइन को ठीक करने की हर संभव कोशिश चल रही है. लेकिन यह कब तक ठीक हो पायेगी, यह अभी बता पाना संभव नहीं है.
लिंक फेल होने की वजह से बैंक और पोस्टऑफिस के अलावा बीडीओ दफ्तर, भूमि एवं भूमि राजस्व, बिजली विभाग आदि में भी आम जनता को परिसेवाएं नहीं मिल पा रही हैं. धूपगुड़ी नगरपालिका के उप-चेयरमैन अरूप दे ने बताया कि बीएसएनएल के साथ बात करके समस्या हल करने की कोशिश की जा रही है. साथ ही ठेकेदार कंपनी को सावधानी से काम करने की चेतावनी दी गयी है.
