तीन दिनों बाद टूटा खाते में अरबपति सरजू राव का सपना

सिलीगुड़ी. तीन दिनों पहले बैंक खाते में रातों-रात अरबपति हुए स्वर्ण आभूषण के कारीगर सरजू राव राजाराम पटेल का सपना सोमवार सुबह होते ही टूट गया. उनके खाते में पहले से जमा कुल दो लाख तीन हजार 461 रुपये ही दर्ज किये गये हैं. यहां उल्लेखनीय है कि सिलीगुड़ी शहर के खुदीरामपल्ली में एक स्वर्णाभूषण […]

सिलीगुड़ी. तीन दिनों पहले बैंक खाते में रातों-रात अरबपति हुए स्वर्ण आभूषण के कारीगर सरजू राव राजाराम पटेल का सपना सोमवार सुबह होते ही टूट गया. उनके खाते में पहले से जमा कुल दो लाख तीन हजार 461 रुपये ही दर्ज किये गये हैं. यहां उल्लेखनीय है कि सिलीगुड़ी शहर के खुदीरामपल्ली में एक स्वर्णाभूषण की दुकान में काम करने वाले श्री पटेल शुक्रवार की रात को बैंक खाते के अनुसार अचानक अमीर हो गये थे. वह पैसे निकालने के लिए एक एटीएम में गये थे.

पैसा तो नहीं निकला, लेकिन जो उपलब्ध बैलेंस की पर्ची दी गयी, तो उसे देखकर उनका होश उड़ गया. उस पर्ची में करीब एक हजार करोड़ रुपये उपलब्ध बैलेंस दिख रहा था. यह देखने के बाद सरजू राव के होश उड़ गये. नोटबंदी के दौर में उसे ऐसा लग रहा था कि किसी ने उनके बैंक खाते में इतना रुपये जमा करा दिया है.

खुशी इस बात की हो रही थी कि इतने पैसे बैंक खाते में आने के बाद तमाम कानूनी पचड़ों से गुजरने के बाद भी कुछ न कुछ तो बच ही जायेगा. लेकिन परेशानी इस बात की हो रही थी कि वह कोई मुसीबत में न फंस जायें. हैरान-परेशान सरजू राव शुक्रवार की रात को तो शांत रहे, लेकिन उनका डर लगातार बढ़ते जा रहा था. सिलीगुड़ी में रह रही उनकी पत्नी भी परेशान थीं. किसी तरह दोनों पति-पत्नी ने जागकर रात गुजार दी. शनिवार को सुबह होते ही सरजू राव फिर से उपलब्ध बैलेंस की जानकारी प्राप्त करने एक एटीएम में गया.

वहां भी उपलब्ध बैलेंस में करीब एक हजार करोड़ रुपये का ही आंकड़ा दिखाया गया. वह बुरी तरह से डर गये और सिलीगुड़ी थाने को इसकी सूचना दे दी. शनिवार और रविवार को बैंक बंद होने की वजह से वह कुछ भी नहीं कर पा रहे थे. इस बीच, अगले दिन रविवार को वह देश के तमाम मीडिया में छाये हुए थे. सिलीगुड़ी से लेकर महाराष्ट्र के सांगली जिले में स्थित उनके घर तक खलबली मच गयी. मित्र तथा रिश्तेदार परेशान हो रहे थे. शुभचिंतकों के लगातार फोन भी आ रहे थे.

ऐसे लोगों की संख्या भी कम नहीं थी जो उन्हें इस बात की बधाई दे रहे थे. उनके रिश्तेदारों और मित्रों को लग रहा था कि अगर उसके बैंक खाते में इतनी रकम जमा करायी गयी है तो इनकम टैक्स वालों की नजर जरूर पड़ेगी. यह एक तरह से काला धन साबित होगा और प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुसार तमाम तरह के जुर्माने लगाये जाने के बाद भी सरजू राव के खाते में कई करोड़ रुपये तो जरूर बच जायेंगे. ऐसे लोगों की संख्या भी कम नहीं थी जो इसे बैंक की तकनीकी गड़बड़ी मान रहे थे. शनिवार और रविवार का दिन बीताने के बाद सरजू राव सोमवार को सिलीगुड़ी के हिलकार्ट रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य ब्रांच में पहुंचे. उन्होंने पूरी जानकारी बैंक के चीफ मैनेजर एस. भट्ट को दी और पूछा कि यह चक्कर क्या है. बैंक वालों ने इसे एक तकनीकी गड़बड़ी करार दिया. इस गड़बड़ी को ठीक कर दी गयी है. अब सरजू राव के खाते में पहले जितने ही करीब दो लाख रुपये जमा हैं. उसके पासबुक को भी अपडेट कर दिया गया है. उसके बाद से सरजू राव तथा उसके परिवार वालों ने राहत की सांस ली है. यह अलग बात है कि अरबपति होने का उनका सपना तीन दिनों बाद टूट गया है.

क्या कहते हैं बैंक अधिकारी

बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर एस. भट्ट का कहना है कि यह एक तकनीकी गड़बड़ी है. सरजू राव राजाराम पटेल का खाता सिलीगुड़ी में नहीं है. उनका बैंक खाता महाराष्ट्र के सांगली जिले में स्थित बैंक ऑफ इंडिया के शाखा में है. इसके अलावा सरजू राव का खाता केवाईसी अपडेट भी नहीं है. उन्होंने बैंक के ब्रांच में जाकर केवाईसी अपडेट नहीं कराया है. इसी वजह से यह तकनीकी गड़बड़ी हुई है. श्री भट्ट ने कहा कि अब सबकुछ सामान्य है.

चार साल से सिलीगुड़ी में हैं सरजू राव राजाराम पटेल मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं, लेकिन पिछले चार सालों से वह सिलीगुड़ी में रह रहे हैं. उन्होंने सिलीगुड़ी में किसी भी बैंक में अपना खाता नहीं खुलवाया है. सांगली जिले के पेड़ स्थित बैंक ऑफ इंडिया में खुलवाये गये अपने बैंक खाते से ही वह अपना काम चला रहे हैं. वह यहां सोने के गहने की एक दुकान में गहनों की डिजाइन का काम करते हैं और हाकिमपाड़ा में किराये के फ्लैट में पत्नी तथा बच्चों के साथ रह रहे हैं. वह बीच-बीच में अपने गांव जाते रहते हैं.

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