सिलीगुड़ी में गूंज उठा जिंगल बेल-जिंगल बेल…

सिलीगुड़ी: पूरे देश-दुनिया में क्रिसमस 25 दिसंबर को बड़ादिन के रूप में मनाया जाता है. सैकड़ों साल पहले इसा मसीह का इसी दिन जन्म हुआ था और तभी से 25 दिसंबर को पूरे उत्साह के रूप में इस दिन को मनाया जाने लगा. यह कहना है सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस की कमिश्नर (सीपी) सीएस लेप्चा का. […]

सिलीगुड़ी: पूरे देश-दुनिया में क्रिसमस 25 दिसंबर को बड़ादिन के रूप में मनाया जाता है. सैकड़ों साल पहले इसा मसीह का इसी दिन जन्म हुआ था और तभी से 25 दिसंबर को पूरे उत्साह के रूप में इस दिन को मनाया जाने लगा. यह कहना है सिलीगुड़ी मेट्रोपॉलिटन पुलिस की कमिश्नर (सीपी) सीएस लेप्चा का. वह बड़ादिन के पूर्व संध्या पर सिलीगुड़ी के एयरव्यू मोड़ पर पर्यटन मंत्रालय के बैनरतले आयोजित एक रंगारंग समारोह को संबोधित कर रही थी.

उन्होंने समारोह का विधिवत शुभारंभ करते हुए शहर वासियों को क्रिसमस और नये साल की शुभकामनाएं भी दी. श्रीमती लेप्चा द्वारा समारोह के शुभारंभ करने के साथ ही जहां पूरा सिलीगुड़ी जिंगल बेल-जिंगल बेल… की धुनों से गूंज उठा वहीं, पूरा शहर जगमग रोशनी से चकाचौंध हो उठा.

इस दौरान पर्यटन दफ्तर के संयुक्त निदेशक सुनील अग्रवाल, सिलीगुड़ी नगर निगम के कमिश्नर सोनम वांग्दी भुटिया, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अलावा पर्यटन उद्योग से जुड़े संगठन इस्टर्न हिमालयन टूर एंड ट्रैवल्स वेलफेयर एसोसिएशन (एतवा) के कार्यकारी अध्यक्ष सम्राट सान्याल व अन्य पदाधिकारियों के मौजूदगी में स्कूली छात्राओं व युवतियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया. समारोह के दौरान श्री अग्रवाल ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय की ओर से बीते दो वर्षों से क्रिसमस के मौके पर पूरे सिलीगुड़ी के प्रमुख चौक-चौराहे जैसे एयरव्यू मोड़, सेवक मोड़, हाशमी चौक व पानीटंकी मोड़ को प्रकाश सज्जा से दुल्हन की तरह सुसज्जित किया जाता है. साथ ही क्रिसमस धुन जिंगल बेल-जिंगल बेल… सब समय गूंजते रहता है. पर्यटन मंत्री गौतम देव अपनी चिकित्सा के लिए दिल्ली गए हैं. इसी वजह से वह इस कार्यक्रम में नहीं आ सके.

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