उलटे निर्मल बेरा को हटाने की तैयारी

सिलीगुड़ी. उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर निर्मल बेरा के साथ धक्का-मुक्की करने वाले छात्रों की अब तक पहचान नहीं हो पायी है. इस घटना को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन किसी भी छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है. विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, छात्रों के […]

सिलीगुड़ी. उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर निर्मल बेरा के साथ धक्का-मुक्की करने वाले छात्रों की अब तक पहचान नहीं हो पायी है. इस घटना को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन किसी भी छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है. विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, छात्रों के खिलाफ कार्रवाई तो दूर, उलटे निर्मल बेरा को ही इस पद से हटाने की तैयारी शुरू हो गई है. यहां उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे कुछ छात्रों ने अस्पताल अधीक्षक डॉ बेरा के साथ धक्का-मुक्की की थी. इन छात्रों को यहां बोलचाल की भाषा में जूनियर डॉक्टर कहा जाता है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार की सुबह एक जूनियर डॉ अपनी बहन तथा जीजा को ई-रिक्शा (टोटो) से मेडिकल कॉलेज दिखाना चाह रहा था. उसी समय ऑटो रिक्शा वालों ने इसका विरोध किया. उसके बाद भी वह जूनियर डॉक्टर टोटो द्वारा ही अपनी बहन तथा जीजा को मेडिकल कॉलेज घुमाने पर अड़ गया. उसके बाद ही मारपीट शुरू हो गई. ऑटो वालों ने न केवल टोटो चालक के साथ मारपीट की, बल्कि जूनियर डॉक्टर के जीजा के साथ भी मारपीट की घटना घटी. उसके बाद ही मेडिकल कॉलेज में तनाव का माहौल कायम हो गया. उसके अगले दिन बृहस्पतिवार को कई जूनियर डॉक्टर मेडिकल कॉलेज परिसर से ऑटो स्टैंड हटाने की मांग को लेकर प्रिंसिपल समीर घोष राय के पास ज्ञापन देने गये थे. उसी दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर निर्मल बेरा भी वहां पहुंच गये. वाद-विवाद होने के बाद छात्रों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की. इस बीच, इस घटना के बाद से डॉक्टर बेरा मेडिकल कॉलेज आ तो रहे हैं लेकिन अपने कार्यालय से बाहर नहीं निकल रहे हैं. दूसरी तरफ इस घटना के आरोपी जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं किये जाने से अस्पताल के अन्य डॉक्टरों में भारी रोष है. इन लोगों ने आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की है. इन डॉक्टरों का कहना है कि आरोपी डॉक्टरों की पहचान सहज है. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल कार्यालय के पास सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं. इन कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान की जा सकती है.

इन डॉक्टरों ने सीसी टीवी फुटेज खंगालने की मांग की है. इन लोगों का कहना है कि सभी आरोपी जूनियर डॉक्टर तृणमूल के छात्र संगठन के सदस्य हैं. इसी वजह से उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. इस बीच, विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा डॉक्टर निर्मल बेरा को यहां से हटाने की तैयारी की जा चुकी है. उनके स्थान पर मेडिकल कॉलेज की डीन मैत्रयी चक्रवर्ती को अस्पताल अधीक्षक बनाने की चरचा तेज है. हालांकि अभी इस मुद्दे को लेकर कोई भी कुछ कहने से मना कर रहा है. जब डॉक्टर बेरा से इस मामले में बातचीत की गई, तो उन्होंने बताया कि अभी तक पद छोड़ने का कोई निर्देश सरकार की ओर से नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि छात्र संगठन के नेता चाहते हैं कि वह उनके इशारे पर काम करें. वह ऐसा नहीं कर सकते. वह कोई भी काम सरकारी नियमों को मान कर ही करेंगे.

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