नोटबंदी : उद्योगपति रूपचंद प्रसाद के घर छापेमारी

सिलीगुड़ी. नोटबंदी के बाद सिलीगुड़ी में पहली बार आयकर विभाग के छापे से शहर के कारोबारियों के बीच खलबली मच गयी. शुक्रवार को आयकर विभाग के कोलकाता और सिलीगुड़ी के दो दर्जन से भी अधिक अधिकारियों की टीम ने प्रतिष्ठित उद्योगपति रूपचंद प्रसाद के सात नंबर वार्ड के नयाबाजार गल्ला मंडी के नेहरू रोड स्थित […]

सिलीगुड़ी. नोटबंदी के बाद सिलीगुड़ी में पहली बार आयकर विभाग के छापे से शहर के कारोबारियों के बीच खलबली मच गयी. शुक्रवार को आयकर विभाग के कोलकाता और सिलीगुड़ी के दो दर्जन से भी अधिक अधिकारियों की टीम ने प्रतिष्ठित उद्योगपति रूपचंद प्रसाद के सात नंबर वार्ड के नयाबाजार गल्ला मंडी के नेहरू रोड स्थित घर, दुकान-प्रतिष्ठान (जेपी इंटरप्राइज), गोदाम के अलावा रांगापानी स्थित हिमाली सीमेंट फैक्टरी में एकसाथ छापा मारा. छापेमारी आयकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर जॉर्डन भूटिया की अगुवायी में सुबह छह-साढ़े छह बजे शुरू हुई जो देर शाम खबर तक जारी थी.

इस दौरान नया बाजार इलाके के उत्सुक कारोबारियों व कुलियों की भीड़ दिनभर रूपचंद प्रसाद के घर के सामने इकट्ठी रही. सिलीगुड़ी मर्चेंट्स एसोसिएशन (एसएमए) के कुछ पदाधिकारी सुबह 10 बजे तक घर के सामने खड़े तो दिखायी दिये, लेकिन अंदर जाने की किसी ने हिम्मत नहीं की. बाद में दिन भर कोई भी पदाधिकारी या अन्य सदस्य दिखायी नहीं पड़ा. दूसरी ओर रूपचंद के घर के सामने सुबह से देर शाम तक कवरेज के लिए मुश्तैद मीडिया कर्मियों के सामने कोई भी आयकर अधिकारी अपना मुंह खोलने से बचते रहे. वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस व रैफ के जवान भी दिनभर घर के मुख्य द्वार के सामने तैनात थे. सुबह तकरीबन 11.30 बजे रूपचंद के घर से सीमेंट फैक्टरी का एक कर्मचारी भूपेंद्र सिंह जैसै ही बाहर निकला, तो उसे मीडियाकर्मियों का सामना करना पड़ा.

उसने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि वह फैक्टरी की एक मशीन खराब होने पर मोटर लेने के लिए यहां आया था. उसे छापेमारी की कोई जानकारी नहीं थी. उसने बताया कि आयकर विभाग के अधिकारियों ने कुछ जरूरी पूछताछ करने के बाद उसे चले जाने की अनुमति दी है. इसके अलावा भूपेंद्र ने मीडिया के अन्य किसी भी सवालों का जवाब नहीं दिया. वहीं, दोपहर करीब 1.15 बजे आयकर विभाग के अधिकारी एक मैनेजर परमहंस प्रसाद को लेकर घर से बाहर निकले और घर से सटे एक अन्य मकान के गोदाम खुलवाकर स्टॉक मिलवाया. आधे घंटे बाद उसी गोदाम में अधिकारी ने वापस आकर स्टॉक का सही तरीके से जांच की. इस दौरान परमहंस ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि केवल स्टॉक की जांच-पड़ताल हो रही है. अधिकारी कागजातों को खंगाल रहे हैं. सूत्रों के अनुसार दिन भर चली इस छापामारी में आयकर विभाग को भारी तादाद में नगदी रूपये मिले हैं.इसके अलावे अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किये जाने की खबर है. हांलाकि इसके सटीक आंकड़े को लेकर किसी ने भी अपना मुंह नहीं खोला है.इस छापामारी के बाद से सिलीगुड़ी के अन्य बड़े कारोबारियों में भी दहशत का माहौल है.
महीने भर में कई बैंकों में करोड़ों रूपये के लेन-देन का मामला
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार उद्योगपति रूपचंद प्रसाद का कई तरह का कारोबार है. नोटबंदी के एलान के बाद केवल महीने भर में ही उनका सिलीगुड़ी, कोलकाता व अन्य जगहों के कई बैंकों में करोड़ों रूपये का अवैध तरीके से लेन-देन हुआ है. एक विभागीय अधिकारी ने अपना नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि महीने भर में बैंकों में लेन-देन के दौरान करोड़ों रूपये काले धन को सादा (पक्का) करने की कोशिश की गयी. उन्होंने बताया कि आज की छापामारी में भारी तादाद में नगदी और जरूरी कागजात बरामद हुए हैं. फिलहाल बरामद नगदी का मूल्यांकन जारी है.
बड़े पैमाने पर फैला है कारोबार
विभागीय अधिकारी ने बताया कि रूपचंद जी का सिलीगुड़ी, कोलकाता, बिहार के अलावा भूटान व अन्य देशों में भी कारोबार है. सिलीगुड़ी में कइ कंपनी के सीएनएफ हैं. साथ ही रांगापानी में दार्जिलिंग सीमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नाम की फैक्ट्री है यहां हिमाली ब्रांड नाम के सीमेंट का भी कारोबार करते हैं. इसके अलावा उनका एक्सपोर्ट-इंपोर्ट का कारोबार है. साथ ही देश के विभिन्न जगहों में रीयेल एस्टेट के कारोबार से भी उनके जुड़े होने की खबर है.

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