डुवार्स के नदियों में अवैध खनन जारी

सिलीगुड़ी. डुवार्स के विभिन्न नदियों में अवैध खनन का काम जारी है. यहां तक कि राज्य सरकार के नियमों की भी पूरी तरह से अनदेखी कर भू माफिया के लोग नदियों से बालू और पत्थर निकालने के काम में सक्रिय हैं.नियमानुसार इ-ऑक्शन के माध्यम से लीज लेकर ही बालू और पत्थर निकालने का काम हो […]

सिलीगुड़ी. डुवार्स के विभिन्न नदियों में अवैध खनन का काम जारी है. यहां तक कि राज्य सरकार के नियमों की भी पूरी तरह से अनदेखी कर भू माफिया के लोग नदियों से बालू और पत्थर निकालने के काम में सक्रिय हैं.नियमानुसार इ-ऑक्शन के माध्यम से लीज लेकर ही बालू और पत्थर निकालने का काम हो सकता है.

लेकिन यहां इ-ऑक्शन की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है.इससे ना केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है अपितु सरकार को भी करोड़ो रूपये के राजस्व की हानि हो रही है.कुछ इसी प्रकार का आरोप जलपाइगुड़ी जिला रिवर बेड क्वारी परमिट होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन की ओ से लगाया गया है.संगठन ने इस काम में विभागीय अधिकारियों पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया है.संगठन के लोगों का कहना है कि भूमि और भूराजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की वजह से ही इतनी बड़ी हेराफेरी हो रही है.इस बात को लेकर संगठन की ओर से जिले के भूराजस्व अधिकारी को एक ज्ञापन भी दिया गया है.

संगठन के अध्यक्ष मिन्टू दास ने कहा है कि इस विभाग के प्रभारी तथा एडीएम डॉ विश्वनाथ को पूरे मामले की जानकारी दे दी गयी है.उन्हें साफ-साफ बता दिया गया है कि यदि वह इस मामले को लेकर कोइ कार्यवाइ नहीं करते तो वह लोग अपनी मांगो को लेकर बड़ा आंदोलन करेंगे.श्री दास ने बताया कि ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश पर उत्तर बंगाल की सभी नदियों से बालू और पत्थर निकालने का काम बंद था.उसके बाद इसमें कुछ ढ़ील दी गयी. कइ प्रकार के नियम और कानून लादकर बालू और पत्थर निकालने की अनुमति दी गयी.उसके बाद नियमों की अनदेखी कर यह काम एक बार फिर से शुरू हो गया है. बगैर परमिट के ही बालू माफिया के लोग इस काम में जुट गये हैं.

उसके बाद से प्रशासन ने इस महीने की दस तारीख से धर पकड़ अभियान की शुरूआत की.उनके भी संगठन के सदस्यों को पकड़ा गया है.उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उनके संगठन के सदस्यों को गलत मामले में फंसाया गया है. दरअसल प्रशासन की अनदेखी की वजह से ही यह समस्या हो रही है. प्रशासन ने अभी तक इ ऑक्शन प्रक्रिया की शुरूआत ही नहीं की है. इसी वजह से नदियों से अवैध खनन जारी है.उन्होंने अपने सदस्यों पर लादे गए झूठे मामले वापस लेने की मांग सहित अवैध खनन को भी तत्काल रोकने की मांग की. ऐसा नहीं होने पर उन्होंने वृहद आंदोलन की भी धमकी दी है.

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