दार्जिलिंग. दार्जिलिंग और कर्सियांग नगरपालिकाओं के वर्तमान बोर्डों का कार्यकाल पूरा होने पर उनके चेयरमैनों और पार्षदों ने अपना कार्यभार महकमा अधिकारी को सौंप दिया. दार्जिलिंग और कर्सियांग नगरपालिका का चुनाव वर्ष 2011 में हुआ था. इसमें मोरचा ने भारी जीत दर्ज करने के बाद बोर्ड गठित किया था. नवगठित बोर्ड ने 21 दिसम्बर, 2011 को पहली बोर्ड मीटिंग की थी. इसी के आधार 20 दिसम्बर को कार्यकाल पूरा मानकर दार्जिलिंग नगरपालिका के चेयरमैन अमर सिंह राई समेत 32 पार्षदों ने अपना कार्यभार महकमा अधिकारी को सौंपा दिया.
मंगलवार को दार्जिलिंग नगरपालिका के कांफ्रेंस हॉल में पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्री राई ने अपने पांच साल के कार्यकाल में किये गये विकास कार्यों का ब्योरा दिया. उन्होंने कहा कि उनके बोर्ड में आने से पहले दार्जिलिंग नगरपालिका ने केवल 32 प्रतिशत कर संग्रह किया था. उनके समय में कर संग्रह 58 प्रतिशत तक पहुंच गया. इसी तरह दार्जिलिंग नगरपालिका के 32 वार्डों की सड़कों पर बिजली बत्ती लगाने का काम किया गया. इसके अलावा सड़कों की मरम्मत, सफाई, पेयजल आपूर्ति आदि का काम हुआ. इससे पहले वाले बोर्डों ने कभी इस तरह का विकास कार्य नहीं किया था.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की अमृतधारा जल परियोजना के तहत दार्जिलिंग नगरपालिका को 205 करोड़ रुपया प्राप्त हुआ है. इससे पाइपलाइन निर्माण का काम किया जा रहा है. दार्जिलिंग नगरपालिका ने शहर का कचरा उठाकर बायो-गैस का निर्माण करने की योजना बनायी है.
