सिलीगुड़ी. सिलीगुड़ी के निकट त्रिहाना चाय बागान बंद होने के पीछे एक बड़ा षड़यंत्र सीटू को नजर आ रहा है. इस षडयंत्र में बागान मालिकों के साथ तृणमूल नेता और राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव की मिलीभगत का आरोप भी सीटू ने लगाया है. पर्यटन मंत्री गौतम देव के बयान पर माकपा समर्थित श्रमिक संगठन सीटू ने मोरचा खोलने का एलान भी किया है. सीटू के जिला सचिव समन पाठक ने मंत्री पर श्रमिकों के आंसू पर राजनीति करने का आरोप लगाया है.
श्री पाठक ने कहा कि एक मंत्री का विवेकहीन बयान काफी दुर्भाग्यपूर्ण है. मंगलवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए सीटू के जिला सचिव समन पाठक ने कहा कि राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने अपने राजनीतिक जीवन में कभी भी श्रमिक संगठन नहीं किया. श्रमिकों की व्यथा को समझना उनके बस की बात नहीं. उल्लेखनीय है कि त्रिहाना चाय बागान के बंद होने के बाद श्रमिकों की परेशानी बढ़ गयी है. इस चाय बागान के श्रमिकों को लेकर माकपा व तृणमूल की ओर से राजनीतिक फायदा लेने के लिए जोर आजमाइश जारी है. सिलीगुड़ी के मेयर सह विधायक अशोक भट्टाचार्य के बाद अब सीटू ने भी मंत्री के के खिलाफ मोरचा खोला है. श्री पाठक ने कहा कि सीटू से बागान को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है.
हमारा कदम हमेशा से ही श्रमिकों के हक में रहा है. बागान श्रमिकों को पिछले चार सप्ताह से वेतन नहीं मिल रहा है. सौ सप्ताह का राशन बागान प्रबंधन के पास बकाया है. करीब डेढ़ करोड़ रूपये ग्रेच्युटी का बकाया है. गरीब श्रमिकों की यह अवस्था मंत्री नहीं देख पा रहे हैं.
पूरे सरकारी तंत्र का उपयोग कर वे चाय बागान में पार्टी की बैठक करने में कर रहे हैं. श्री पाठक ने कहा कि श्रमिकों को मरता छोड़कर बागान मालिक भाग निकले और मंत्री गौतम देव श्रमिकों के आंसू पर राजनीति कर रहे हैं. श्री पाठक ने कहा कि बागान पहुंचकर मंत्री ने श्रमिकों को तृणमूल में शामिल होने का दवाब दिया है. तृणमूल का झंड़ा थामने वाले श्रमिक को ही सरकारी सुविधाएं देने की घोषणा की गयी है. अपने राजनीतिक फायदे के लिये मंत्री गौतम देव ने मालिक पक्ष के साथ मिलकर एक षडयंत्र रचा है. पत्रकार सम्मेलन में अजित सरकार, सुदीप्त दत्ता सहित सीटू के अन्य नेता उपस्थित थे.
