उनकी चिंता की वजह भी जायज है. अगर उन्हें दो-तीन महीने की मोहलत नहीं दी गयी तो केवल उनकी परेशानी नहीं बढ़ेगी बल्कि पूरे देश में हाहाकार मच जायेगा. वर्षों से वाहन चलाते आ रहे बागडोगरा निवासी कशमेरा ‘के वर्ल्ड’ ने अपने तजुर्बे के आधार पर कहा कि ट्रक के चक्कों में ब्रेक न लगे इसके लिए पुराने पांच सौ के नोट को लेकर सरकार को दुबारा विचार करने की जरूरत है. अगर चालकों और मालिकों को पेट्रोल पंपों से पुराने पांच सौ के नोट बदलने के लिए कम-से-कम तीन महीनों की मोहलत नहीं दी गयी तो ट्रकों में तेल नहीं भरा जायेगा.
पूरे देश में ट्रकें जहां है वहीं खड़ी रह जायेगी. चालकों का जीना तो मुहाल होगा ही साथ ही पूरे देश में खाने-पीने को लेकर हाहाकार मच जायेगा. के वर्ल्ड ने उदाहरण देते हुए कहा कि नेशनल परमिट के जो ट्रक दो दिन पहले गुवाहाटी से माल लादकर मुंबइ या अन्य प्रांत शहरों के लिए रवाना हुए हैं, उस ट्रक के मालिकों ने तेल व रास्ते में खाने-पीने के लिए पांच सौ के पुराने नोट चालकों को दिये हैं.
एक दिन में फैसला बदला जाये तो चालक मुश्किल में पड़ जायेंगे. के वर्ल्ड का कहना है कि भ्रष्टाचार और काला धन बंद हो इसके लिए एक भारतीय होने के नाते वह भी मोदीजी के एतिहासिक व क्रांतिकारी फैसले का समर्थन करता है लेकिन देश में खाने-पीने और रोजमर्रा के सामानों का संकट पैदा न हो और कई-कई महीने अपने परिवार से दूर रहनेवाले चालकों को परेशानियों से न जूझना पड़े इसके लिए केंद्र सरकार से गुजारिश है कि पेट्रोल पंपों पर केवल कल रात तक ही नोट बदलने के फैसले पर दोबारा विचार करे और इसकी समय सीमा अगले तीन महीने के लिए बढ़ा दी जाये.
