आग की तपिश के बाद, अब विमुद्रीकरण की मार

हावड़ा: एक भयावह अग्निकांड में अपनी पूरी पूंजी गवां बैठे कदमतल्ला बाजार के दुकानदार अभी सदमे से उबर भी नहीं पाये थे कि विमुद्रीकरण ने रही सही कसर पूरी कर दी. 100 वर्ष पुराने इस बाजार में फिलहाल सन्नाटा पसरा हुआ है. अग्निकांड व नोटबंदी के पहले यह बाजार ग्राहकों से गुलजार रहता था, लेकिन […]

हावड़ा: एक भयावह अग्निकांड में अपनी पूरी पूंजी गवां बैठे कदमतल्ला बाजार के दुकानदार अभी सदमे से उबर भी नहीं पाये थे कि विमुद्रीकरण ने रही सही कसर पूरी कर दी. 100 वर्ष पुराने इस बाजार में फिलहाल सन्नाटा पसरा हुआ है. अग्निकांड व नोटबंदी के पहले यह बाजार ग्राहकों से गुलजार रहता था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह विपरीत है.

विमुद्रीकरण के कारण हावड़ा नगर निगम से मिलनेवाला मुआवजा भी अधर में लटक गया है. हालांकि उन्हें उम्मीद है कि देर-सबेर मुआवजा मिलेगा. अग्निकांड के बाद मेयर डॉक्टर रथीन चक्रवर्ती ने कुल 10 लाख रुपये पीड़ित दुकानदारों के लिए आबंटित किये हैं, लेकिन दुकानदारों की मानें, तो नगर निगम से मिलनेवाला यह मुआवजा उनके लिए बेहद मामूली साबित होगा. बाजार समिति की ओर से सांसद प्रसून बनर्जी व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से आर्थिक मदद मांगने की गुहार लगाने की योजना बनायी जा रही है.

भीषण अग्निकांड में एक करोड़ का हुआ था नुकसान : 100 वर्ष पुराना कदमतल्ला बाजार शिवपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत आता है. एक अक्तूबर की सुबह लगभग पांच बजे शॉर्ट सर्किट से एक चिनगारी निकली. यह चिनगारी इतनी भयावह होगी, शायद ही किसी को मालूम था. चिनगारी से लगी आग ने भयावह रूप ले लिया व एक-एक कर के 110 दुकानें जल कर राख हो गयीं. कुल मिला कर एक करोड़ रुपये से अधिक का सामान पूरी तरह जल गया. कई दुकानदारों के नकद रुपये भी जल गये. सबसे अधिक नुकसान 30 से 35 दुकानदारों को हुई. ये सभी दुकानें बड़ी थीं. अग्निकांड के कारण इन दुकानों का 10-15 लाख रुपये का सामान जल गया.
क्या कहते हैं व्यवसायी
दुकान जल कर राख हो गयी. प्लास्टिक लगा कर दुकान लगा रहा हूं. अग्निकांड के बाद नोटबंदी ने हम व्यवसायियों के लिए आग में घी देने का जैसा काम किया है. मुआवजा के इंतजार में बैठा हूं. उम्मीद है कि जल्द मिलेगा.
हरिदास पारूइ, दशकर्मा की दुकान
पहले पांच से छह हजार रुपयों की सब्जी बेचता था. अब 1000 रुपये पर बिक्री आ गयी है. अग्निकांड में मेरा 5000 रुपये जल गये थे. इसके बाद नोटबंदी की मार झेल रहा हूं.
देवनंदन साव, सब्जी विक्रेता.
अग्निकांड में 110 दुकानें जली थीं, जिसमें 30-35 दुकानों को भारी नुकसान हुआ था. निगम ने 10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी, जो नोटबंदी के कारण अभी तक नहीं मिला है. निगम से मेरी गुजारिश है कि जिन दुकानदारों को अधिक नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा अधिक दिया जाये. कुछ दुकानदार ऐसे भी हैं, जिनका नुकसान आंशिक है. मुआवजा नुकसान को देख कर बांटा जाये.
प्रशांत दे, संयुक्त सचिव, कदमतल्ला बाजार समिति
निगम ने जो वादा किया है, उसे निश्चित रूप से पूरा किया जायेगा. पीड़ित दुकानदारों की सूची बना ली गयी है. सभी को मुआवजा अब तक मिल गया होता, लेकिन विमुद्रीकरण की वजह से रुपयों की किल्लत हो गयी. समस्या मिटते ही चेक के माध्यम से मुआवजा दे दिया जायेगा. निगम पीड़ित दुकानदारों के साथ है.
मौसमी घोष, स्थानीय पार्षद

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