सदर अस्पताल में गर्भवती की मौत

दार्जिलिंग. दार्जिलिंग सदर अस्पतारल में एक गर्भवती महिला की मौत के बाद हंगामा मच गया. परिवार वालों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की. परिवार वालों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर से एक किलोमीटर नीचे राजबाड़ी की रहने वाली मोना प्रसव पीड़ा लेकर अस्पताल में भरती हुयी. डॉक्टर […]

दार्जिलिंग. दार्जिलिंग सदर अस्पतारल में एक गर्भवती महिला की मौत के बाद हंगामा मच गया. परिवार वालों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की. परिवार वालों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर से एक किलोमीटर नीचे राजबाड़ी की रहने वाली मोना प्रसव पीड़ा लेकर अस्पताल में भरती हुयी. डॉक्टर छीरिंग भुटिया ने उसकी जांच की.

परिवार वालों का कहना है कि मोना सुन्दास को प्रसव पीड़ा होने पर उपचार के लिये सदर अस्पताल में सुबह साढ़े पांच बजे भरती कराया गया जहां बाद में उसकी मौत हो गयी. परिवार वालों ने आगे कहा कि सदर अस्पताल में भरती कराने के बाद मोना की जांच की गई, जिसमें उसे स्वस्थ बताया गया. उसके बाद शाम को उसकी तबीयत बिगड़ गयी. नर्सों ने डॉक्टर से संपर्क साधा.परिवार वालों का आरोप है कि सही इलाज नहीं किये जाने की वजह से मोना की तबीयत लगाता बिगड़ती गयी. परिवार वालों ने पूरे मामले की जांच की मांग की है.

इधर, इस संदर्भ में सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ समीर शर्मा से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सुबह मैंने मरीज की जांच की थी और वह ठीक थी. शाम शाम 7 बजे उसकी हालत खराब होने पर उसे दूसरी दवा दी गयी. रात के 10 बजे के आसपास लेबर वार्ड से सीसीयू में स्थान्तरित किया गया. यहीं इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी. हांलाकि डॉक्टरों ने मोना के पेट में पल रही बच्ची को सीजर करके बाहर निकाल दिया है.उन्होंने इलाज में लापरवाही के आरोपों को खारिज कर दिया.

इस संदर्भ में डीएमओएच डॉ ए कुमार से सम्पर्क करने पर उन्होंने कहा कि मोना की मौत से हमलोग दुखी हैं.लेकिन परिवार वालों की ओर से अस्पताल में तोड़फोड़ की गई है, वह नहीं है. इस संबंध में उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई है.

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