कैंसर के मामले पूर्वी भारत में अधिक : डॉ राजेन

सिलीगुड़ी. धीरे-धीरे देश में कैंसर की बीमारी के मामले काफी बढ़ रहे हैं. इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देश के अन्य भागों के मुकाबले पूर्वी भारत में कैंसर के अधिक मामले पाये जा रहे हैं. ऐसा संभवत: इस क्षेत्र के लोगों में धूम्रपान व तंबाकू सेवन के प्रति सावधानी नहीं बरतने के कारण […]

सिलीगुड़ी. धीरे-धीरे देश में कैंसर की बीमारी के मामले काफी बढ़ रहे हैं. इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देश के अन्य भागों के मुकाबले पूर्वी भारत में कैंसर के अधिक मामले पाये जा रहे हैं. ऐसा संभवत: इस क्षेत्र के लोगों में धूम्रपान व तंबाकू सेवन के प्रति सावधानी नहीं बरतने के कारण है. ये बातें इंस्टीच्यूशन औंकोलोजी सोसायटी प्राइवेट लिमिटेड के प्रमुख डॉ राजेन घाडियोक ने कही. वह सिलीगुड़ी के नेवटिया गेटवेल अस्पताल में कैंसर की बीमारी के इलाज के लिए अत्याधुनिक औंकोलोजी सेंटर (कैंसर चिकित्सा केंद्र) के उद्घाटन के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे.

डॉ घाडियोक ने कहा कि यदि समय पर कैंसर की चिकित्सा शुरू कर दी जाये, तो अधिकतर मामले में यह बीमारी ठीक हो सकती है. समस्या यह कि मरीज काफी देर बाद कैंसर की जांच कराते हैं. वैसे राहत की बात यह कि आमलोग पिछले कुछ वर्षों के दौरान इस बीमारी को लेकर सजग हो रहे हैं. काफी संख्या में लोग कैंसर की नियमित जांच भी कराते हैं. एक अनुमान के मुताबिक, हर साल देश में 10-12 लाख कैंसर के नये मामले सामने आते हैं. खासकर महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा लगातार बढ़ रहा है. महिलाओं को इस बीमारी के प्रति सजग रहने की जरूरत है. कुछ तकनीक के माध्यम से महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर होने का पता चल सकता है. उसके बाद तत्काल डॉक्टरों से संपर्क कर इसकी चिकित्सा शुरू कर देनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि सिलीगुड़ी के नेवटिया गेटवेल अस्पताल से मिलकर यहां एक अत्याधुनिक औंकोलोजी सेंटर की स्थापना कर रहे हैं. इस सेंटर के माध्यम से ना केवल सिलीगुड़ी, अपितु पूरे उत्तर बंगाल तथा पड़ोसी राज्य सिक्किम सहित पूरे पूर्वोत्तर भारत के कैंसर रोगियों को अत्याधुनिक चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना संभव हो सकेगा.

इस दौरान नेवटिया अस्पताल के वाइस प्रेसिडेंट से प्रबध निदेशक पी एल मेहता ने भी संवाददाताओं को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि चार साल पहले सिलीगुड़ी में नेवटिया अस्पताल की स्थापना हुई और तब से लेकर अबतक हर साल ही वह रोगियों की सुविधा के लिए विभिन्न विभागों की स्थापना कर रहे है. इस नये औंकोलोजी सेंटर की स्थापना इसी दिशा में एक कदम है. इस मौके पर डॉ अनूप सेठी तथा देवव्रत आर्य भी उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >