साथ में गोजमुमो महासचिव रोशन गिरि भी थे
केंद्रीय मंत्री ने बैठक बुलाने का आश्वासन दिया
अगले माह दार्जिलिंग आने का न्योता दिया
दार्जिलिंग. गोजमुमो अध्यक्ष विमल गुरूंग रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिले. 30 मिनट से अधिक समय तक चली भेंटवार्ता में श्री गुरूंग ने राजनाथ सिंह से अलग गोरखालैंड राज्य के निर्माण के लिए पहल करने की मांग की. गोजमुमो अध्यक्ष के साथ पार्टी के केंद्रीय महासचिव रोशन गिरी भी थे. श्री गुरूंग ने गृह मंत्री को बताया कि वह इसी मांग को लेकर दिल्ली आये हैं.
बातचीत के क्रम में गोजमुमो अध्यक्ष ने आजादी के आन्दोलन से लेकर अब तक गोरखाओं की शहादत के बारे में गृह मंत्री को बताया. उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा के लिए गोरखा खून-पसीना बहा रहे हैं, लेकिन बंगाल सरकार गोरखाओं को विदेशी व घुसपैठिया बताकर देशरक्षक गोरखाओं को अपमानित कर रही है. श्री गुरूंग ने कहा कि हम लोग भारतीय गोरखा और भारतीय नेपाली हैं, लेकिन अपने परिचय के दौरान भारतीय बताने पर हमें संदेह की नजर से देखा जाता है. सभी भारतीय गोरखाओं को यह मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ती है.
गोजमुमो महासचिव रोशन गिरी ने केंद्रीय गृह मंत्री से कहा कि हम भाजपा के एकमात्र हितैषी दल हैं और एनडीए का हिस्सा हैं. इसलिए हमें उम्मीद है कि भाजपा गोरखालैंड राज्य के निर्माण के लिए पहल करेगी. श्री गिरी ने दिल्ली से फोन पर बताया कि राजनाथ सिंह ने गोजमुमो प्रतिनिधि टोली की बात ध्यान से सुनी और गोरखालैंड राज्य के गठन को लेकर निरीक्षण कमिटि बनाने के लिए शीघ्र बैठक बुलाने का भरोसा दिलाया. गृह मंत्री ने दार्जिलिंग के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री सुरेन्द्र सिंह अहलुवालिया को बुलाकर बैठक की तिथि तय करने का भरोसा भी दिलाया.
विमल गुरूंग ने राजनाथ सिंह को अगले महीने मल्टीस्टोरी कार पार्किंग और राम कृष्ण शिक्षा परिषद के मॉडल स्कूल भवन के उदघाटन समारोह में दार्जिलिंग आने का न्योता भी दिया. ये दोनों विकास कार्य जीटीए ने भारत सरकार द्वारा दी गयी धनराशि से किये हैं. रोशन गिरी ने बताया कि राजनाथ सिंह से गत अक्तूबर महीने में दार्जिलिंग के दौरे पर आने का अनुरोध किया गया था. लेकिन तब कश्मीर समस्या के कारण उन्हें दार्जिलिंग का कार्यक्रम टालना पड़ा था. लेकिन अब दार्जिलिंग जरूर आने का वचन राजनाथ सिंह ने दिया है.
