नोटबंदी: पैसा नहीं मिलने पर भड़का लोगों का गुस्सा, बैंक के सामने किया बवाल, दो घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन

जलपाईगुड़ी.बैंक से पैसा नहीं मिलने पर आमलोगों का गुस्सा भड़क गया और इनलोगों ने जमकर बवाल मचाया. इतना ही नहीं गुस्साए लोग बीच सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे,जिससे कि करीब दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद हो गयी. यह घटना शनिवार को शहर के चावलहाटी सड़क पर पांगा साहेबबाड़ी इलाके में घटी. […]

जलपाईगुड़ी.बैंक से पैसा नहीं मिलने पर आमलोगों का गुस्सा भड़क गया और इनलोगों ने जमकर बवाल मचाया. इतना ही नहीं गुस्साए लोग बीच सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे,जिससे कि करीब दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही बंद हो गयी. यह घटना शनिवार को शहर के चावलहाटी सड़क पर पांगा साहेबबाड़ी इलाके में घटी.

इतना ही नहीं ग्राहकों ने बैंक मैनेजर को भी बाहर निकाल दिया. घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को सामान्य किया. बैंक की ओर से सोमवार को ग्राहकों को पैसे देने का अश्वासन देने के बाद गुस्साए लोग सड़क से हटने को तैयार हुए.यहां पर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की शाखा है.इस शाखा में मुख्य रूप से किसानों ने अपना खाता खुलवा रखा है. यह आलू लगाने का मौसम है.

आलू की खेती के लिए किसानों को पैसे चाहिए और किसान यही पैसे निकालने आये थे.हजार तथा पांच सौ रूपये के नोट बंद हो जाने से इलाके के किसान नगदी की समस्या से जूझ रहे हैं.आरोप है कि बैंक द्वारा पुराने नोट जमा तो लिए जा रहे हैं लेकिन बदले में नया नोट नहीं मिल रहा है.कुछ दिनों पहले बैंक को रिजर्व बैंक से मात्र एक लाख रूपये के नोट मिले थे,जो तुरत खत्म हो गया.इनका कहना है कि नये नोट लेने के लिए वह लोग सुबह से ही लाइन में लगे थे. बैंक खुलने पर बताया गया कि आज ग्राहकों को नये नोट नहीं दिये जायेंगे. इसके बाद ही लोगों ने अपना आपा खो दिया. सबसे पहले बैंक मैनेजर को ही ब्रांच से बाहर कर दिया गया और सभी लोग सड़क जाम करने पहुंच गए.एक किसान सुदीप दास ने बताया कि क्षेत्रीय बैंक के इस ब्रांच में उन्होंने 27 हजार रूपये जमा रखा है. पांच दिन पहले बैंक ने उन्हें एक हजार रूपया निकालने दिया था.उसके बाद से वह रोज बैंक का चक्कर काट रहे हैं. दिनभर लाइन में रहने के बाद भी पैसा नहीं मिल रहा है.वह घर में रखे पैसे से आलू का बीज तो खरीद चुके हैं.

अब पैसे के आभाव में खाद नहीं खरीद पा रहे हैं.यदि आलू का बीच सड़ गया तो सबकुछ खत्म हो जायेगा.इसी तरह की समस्या एक अन्य बैंक ग्राहक भारती दास की है.उन्हें आलू का बीज खरीदने के लिए पैसे की जरूरत है. खाता में तीस हजार रूपये जमा हैं,लेकिन निकालने में परेशानी हो रही है.

क्या कहते हैं रीजनल मैनेजर: इस बैंक के रीजनल मैनेजर देवाशीष मित्रा ने बताया है कि जलपाइगुड़ी और अलीपुरद्वार जिले में उनकी 55 शाखाएं हैं.बैंक चलाने के लिए प्रतिदिन अढ़ाइ करोड़ रूपये की आवश्यकता है,जबकि मात्र पचास लाख रूपये ही मिल रहे हैं. इसी वजह से ग्राहकों को पैसे देने में परेशानी हो रही है.उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में नये नोट आने लगेंगे. उम्मीद है तब समस्या खत्म हो जायेगी.

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