नोटबंदीः पहले मोदी को दुहाई, अब खिसिया रहे हैं लोग

सिलीगुड़ी. काला धन, भ्रष्टाचार, कालाबाजारी, जाली नोट के धंधों के अलावा अन्य गोरखधंधों पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए आठ नवंबर की रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच सौ और हजार के नोटों पर अचानक बंदी का एलान कर सबों को रातोंरात हैरत में डाल दिया था. इस नोटबंदी की पहले जो […]

सिलीगुड़ी. काला धन, भ्रष्टाचार, कालाबाजारी, जाली नोट के धंधों के अलावा अन्य गोरखधंधों पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए आठ नवंबर की रात आठ बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच सौ और हजार के नोटों पर अचानक बंदी का एलान कर सबों को रातोंरात हैरत में डाल दिया था. इस नोटबंदी की पहले जो लोग मोदी की दुहाई देते नहीं थकते थे वही, अब तरह-तरह की मुश्किलों में पड़ने की वजह से मोदी पर खिसियाने लगे हैं. नोटबंदी के नौ दिन के बाद लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है. इसे लेकर सिलीगुड़ी के वासिंदा अभी भी तरह-तरह की बातें कर रहे हैं. प्रभात खबर द्वारा शहरवासियों से की गयी बातों के प्रमुख अंशः-
श्रवण मिश्रा (कारोबारी) – टूर एंड ट्रेवल्स से जुड़े कारोबारी श्रवण मिश्रा का कहना है कि पहले मोदीजी के इस कड़े कदम से लग रहा था कि ‘अच्छे दिन’ आ गये. लेकिन नोटबंदी के नौ दिन बीत गये पहले से आर्थिक समस्या और अधिक विकराल हो रही है. पांच सौ और हजार के नोट बंद हो जाने से कारोबार पर काफी बुरा असर पड़ा है. खुदरे की किल्लत से घर चलाना मुश्किल हो गया है. बैंकों और एटीएम में घंटों कतार में खड़े रहने के बावजूद अधिकांश लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है. अब तो बैंक प्रबंधन भी खुलेआम सरकारी निर्देशों का उल्लंघन कर अपनी मनमानी चला रहे हैं. इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है. श्री मिश्रा का कहना है कि सरकार के निर्देशानुसार नोटबंदी के बाद से उपभोक्ता अपने बैंक खाते से सप्ताह भर में अधिकतम 24 हजार रूपये तक की निकासी कर सकते हैं जबकि कई बैंक अपने उपभोक्ताओं को एकबार में मात्र हजार या दो हजार रूपये ही दे रहे हैं. इससे नर्सिंग होम में भरती मरीज, किरायदारों, बाहर पढ़नेवाले विद्यार्थियों, पर्यटकों, कारोबारियों, माल ढुलाई करनेवाले वाहन चालकों व मालिकों के अलावा हर तबके के लोगों को काफी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है.
राजेश कुमार चौधरी (टूर ऑपरेटर) – पेशे से टूर ऑपरेटर युवा कारोबारी राजेश कुमार चौधरी ने मोदीजी की भर्त्सना करनवालों को चेताया है और कहा कि हमारी रक्षा के लिए सरहद पर फौजी भाई 24 घंटों खड़े रह सकते हैं तो हम देशवासी अपने ही मुल्क की आर्थिक उन्नति के लिए क्या दो-चार घंटे भी खड़े नहीं हो सकते. श्री चौधरी का कहना है कि आज कुछ घंटों की तकलीफ कल उज्जवल भविष्य बनकर उभरेगा. देश में कैंसर की तरह फैल चुका 70 साल पुराने घातक बीमारी को जड़ से ही खत्म करने के लिए मोदीजी ने और 50 दिनों की मोहलत मांगी है. हम देशवासियों का भी दायित्व बनता है कि भ्रष्टाचार मुक्त भारत गढ़ने के लिए सरकार को सहयोग करना चाहिए.
जीतेंद्र मित्तल (वित्तीय सलाहकार, सीए) – शहर के जानेमाने वित्तीय सलाहकार व पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) एवं कई सामाजिक संगठनों से जुड़े वरिष्ठ समाजसेवी जीतेंद्र मित्तल का कहना है कि कालाधन, भ्रष्टाचार, जाली नोट, कालाबाजारी व अन्य गोरख धंधों पर पूरी तरह नकेल कसने के लिए मोदी जी ने नोटबंदी का जो साहसिक फैसला लिया है वह भारत के इतिहास का अब-तक का सबसे बोल्ड फैसला है. मोदीजी के इस फैसले से केवल गोरखधंधे ही बंद नहीं होंगे बल्कि दुश्मनों की आतंकी गतिविधि, भारत को आर्थिक व सामरिक रूप से कमजोर करने की साजिश को भी बड़ा झटका लगेगा. पूरा विश्व मोदी जी की सराहना कर रहा है. श्री मित्तल ने अपने पेशे के वर्षों पुराने तजुर्बें के आधार पर लोगों को सलाह देते हुए कहा कि नोटबंदी से मात्र कुछ दिन ही सबों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा. जल्द ही सब कुछ सामान्य हो जायेगा. आनेवाले साल-दो सालों में देश में व्यापक रूप से आर्थिक परिवर्तन होगा, जिसका हर तबके लोगों को फायदा मिलेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >