नोटबंदी पर मोदी को नक्सलियों ने दिखाया तेवर

सिलीगुड़ी. नोटबंदी पर नक्सली नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तेवर दिखाया. साथ ही मोदी सरकार को तानाशाह सरकार करार दिया. मोदी को यह गरम तेवर बुधवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में नक्सली संगठन सीपीआइ (एमएल) के बैनर तले आयोजित प्रेस-वार्ता के दौरान मुख्य प्रवक्ता अभिजीत मजुमदार ने मीडिया के सामने दिखाया. उन्होंने मोदी द्वारा […]

सिलीगुड़ी. नोटबंदी पर नक्सली नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तेवर दिखाया. साथ ही मोदी सरकार को तानाशाह सरकार करार दिया. मोदी को यह गरम तेवर बुधवार को सिलीगुड़ी जर्नलिस्ट क्लब में नक्सली संगठन सीपीआइ (एमएल) के बैनर तले आयोजित प्रेस-वार्ता के दौरान मुख्य प्रवक्ता अभिजीत मजुमदार ने मीडिया के सामने दिखाया. उन्होंने मोदी द्वारा अचानक पांच सौ और हजार के नोटों को बंद किये जाने को लेकर कहा कि एक के बाद एक जनविरोधी नीतियों और अपनी मनमर्जी मोदी आम जनता पर जबरन थोप रहे हैं. इसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है.

मोदी के तुगलकी फरमान हर तबके के लोग हलकान हो रहे हैं. श्री मजुमदार ने कहा कि महंगायी के मार से आम जनता की कमर पहले ही टूट चुकी है और अब नोट के चोट ने रही सही कसर भी पूरी कर दी है. नोटबंदी का असर आम से खास तक हरेक तबके पर पड़ा है. उन्होंने कहा कि पांच सौ और हजार का नोट बंद कर मोदी ने आपातकाल (इमरजेंसी) को दोहराया है. नोटबंदी से कालाधन, भ्रष्टाचार, जाली नोट व अन्य गोरखधंधों पर कोई असर नहीं पड़नेवाला बल्कि साल-दो साल बाद इन्हें और बढ़ावा मिलेगा. श्री मजुमदार ने कहा कि मोदी ने नोटों पर सर्जिकल स्ट्राइक नहीं की है बल्कि, देश की आम जनता के मुंह से निवाला छिनने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने मोदी के इस तुगलकी फरमान के विरूद्ध जन आंदोलन करने की भी चेतावनी दी है.

नक्सली आंदोलन का हुआ 50 वर्ष ःसंगठन के राज्य कमेटी के सदस्य व वरिष्ठ नक्सली नेता वासुदेव बसु ने मीडिया को बताया कि नक्सली आंदोलन का इस साल 50 वर्ष पूरा रहा है. इसे संगठन ने वर्ष भर मनाने का फैसला लिया है. इसके तहत नक्सली आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले जीवित क्रांतिकारी नक्सली नेताओं को सम्मानित किया जायेगा. शहीदों को याद किया जायेगा. इसके अलावा 19-21 नवंबर तक नक्सली आंदोलन का प्रमुख गढ़ नक्सलबाड़ी, खोरीबाड़ी व फांसीदेवा इलाके के कृषि प्रधान गांवों में जनजागरण यात्रा निकाली जायेगी. इस यात्रा में दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहर नेहरू विश्वविद्यालय, यादवपुर विश्वविद्यालय व अन्य विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों के बुद्धिजीवियों का एक प्रतिनिधि दल शिरकत करेगा और जनसभाओं व अन्य कार्यक्रमों के मार्फत नक्सली आंदोलन की वजह और उसकी गाथा व उपलब्धियों से ग्रामिणों को रू-ब-रू करायेंगे. श्री बसु ने बताया कि 26-28 नवंबर तक सिलीगुड़ी में संगठन को और मजबूत करने एवं पार्टी से संबंधित अन्य मामलों पर केंद्रीय कमेटी की मीटिंग होगी. अगले साल 25 मई को सिलीगुड़ी के बाघाजतीन पार्क में केंद्रीय समावेश का आयोजन किया जायेगा.

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