इन शिविरो में मुफ्त चिकित्सा के साथ दवाइयां भी मुफ्त में दी जायेगी. डेंगू का संदेह होने पर या किसी मरीज के रक्त में डेंगू के जीवाणु पाये जाने पर उसे मालदा मेडिकल कॉलेज भेजा जायेगा. इसके अतिरिक्त पूरे शहर में दिन में दो बार मच्छर नाशक दवाइ का छिड़काव किया जायेगा. मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिये स्प्रे भी किया जायेगा. शहर को साफ-सुथरा रखने की विशेष व्यवस्था की जायेगी.
अपने घर सहित शहर को साफ रखने व डेंगू के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिये अभियान भी चलाये जाने की बात उन्होंने कही. श्री चौधरी ने कहा कि पूरे जिले में बुखार पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है. स्वास्थ विभाग भी पूरी तरह से तैयार है. इसके अतिरिक्त नगरपालिका में एक कंट्रोल रूम भी खोला गया है. इस संबंध में जिला अतिरिक्त स्वास्थ अधिकारी डा. अमिताभ मंडल ने बताया कि जनवरी से लेकर सितबंर तक कुल 2 हजार 4 सौ 11 मरीजों का रक्त जांच किया गया है. जिसमें से 5 सौ 11 लोगों के रक्त में डेंगू के जीवाणु पाये गये हैं. हांलाकि अबतक जिले में डेंगू से किसी की मौत नहीं हुयी है. जिले भर के 51 स्वास्थ केद्रों पर डेंगू के लिये रक्त जांच की व्यवस्था नहीं है.
स्वास्थ केद्रों पर मलेरिया आदि जैसे रोगों की रक्त जांच होती है. मालदा मेडिकल कॉलेज के प्राध्यापक डा. अमित दां ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में 126 मरीजों का रक्त जांच हुआ है. जिसमें 35 लोगों के रक्त में डेंगू पाया गया है. रोजाना बुखार से पीड़ित औसतन 250 मरीज मेडिकल कॉलेज के आउटडोर में पहुंच रहे हैं. जिसमें से रोज 30 लोगों को भरती किया जा रहा है. रोगियों की संख्या इतनी बढ़ चली है कि बेड मुहैया कराना मुश्किल होता जा रहा है. मालदा मेडिकल कॉलेज में कुल बेडों की संख्या 750 है. वर्तमान में तीनगुना संख्या में मरीज भरती हैं. स्वाभाविक कारणों से मरीजों को नीचे फर्श पर रखना पड़ रहा है. इस परिस्थिति से राज्य स्वास्थ विभाग को अवगत कराया जा चुका है.
