काली पूजा में भी नहीं मिलेगा श्रमिकों को बोनस

धूपगुड़ी:दुर्गा तो छोड़ दीजिए, अब काली पूजा में भी धूपगुड़ी के बंद प्लाइवुड मिल के श्रमिकों को बोनस मिलने की संभावना नहीं है. इसके साथ ही इस मिल के फिर से खुलने पर ग्रहण लग गया है. लेबर कार्यालय द्वारा इस मिल को खुलवाने की कोशिश की जा रही थी. काली पूजा के दौरान बोनस […]

धूपगुड़ी:दुर्गा तो छोड़ दीजिए, अब काली पूजा में भी धूपगुड़ी के बंद प्लाइवुड मिल के श्रमिकों को बोनस मिलने की संभावना नहीं है. इसके साथ ही इस मिल के फिर से खुलने पर ग्रहण लग गया है. लेबर कार्यालय द्वारा इस मिल को खुलवाने की कोशिश की जा रही थी. काली पूजा के दौरान बोनस देकर समस्या खत्म होने की उम्मीद थी. फिलहाल जो स्थिति बन रही है, उसके अनुसार श्रमिकों को बोनस मिलना मुश्किल लग रहा है. मिल मालिकों ने इस मामले को लेकर कोई भी जानकारी लेबर कार्यालय को नहीं दी है.

दूसरी तरफ सहायक लेबर कमिश्नर हीरालाल पान इस समस्या के समाधान निकलने की बात कर रहे हैं. उल्लेखनीय है कि हर साल ही दुर्गा पूजा के समय श्रमिकों को यहां बोनस मिल जाता था. इस बार बोनस देने में मिल प्रबंधन द्वारा आना-कानी की जा रही थी. प्लाइवुड कारखाने के श्रमिकों का आरोप है कि मिल मालिक काफी कम बोनस देना चाह रहे थे.

पिछले वर्ष के मुकाबले बढ़ाकर बोनस देने की बात तो दूर, उल्टे बोनस की रकम को काफी कम कर दिया. इतने कम प्रतिशत पर बोनस लेने के लिए श्रमिक तैयार नहीं थे. मिल मालिकों ने बोनस को लेकर श्रमिकों के साथ कोई बातचीत तक नहीं की और अचानक मिल को बंद कर दिया. श्रमिकों ने आगे कहा कि पिछले साल 18 प्रतिशत की दर से बोनस का भुगतान हुआ था, जबकि इस साल 8.33 प्रतिशत की दर से मिल मालिक बोनस दे रहे थे. श्रमिक जबकि 20 प्रतिशत की दर से बोनस की मांग कर रहे थे. इसी मांग को लेकर श्रमिकों ने आंदोलन शुरू किया. मिल मालिक बगैर कोई सूचना दिये मिल को बंद कर चले गये. इसकी वजह से यहां के 217 स्थायी तथा 150 अस्थायी मजदूरों तथा उनके परिवार वालों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है. श्रमिकों ने सहायक लेबर कमिश्नर से 48 घंटे के अंदर मिल को फिर से खुलवाने की मांग की थी.

उसके बाद लेबर कार्यालय द्वारा त्रिपक्षीय बैठक बुलायी गई थी. इस बैठक में मिल मालिक शामिल नहीं हुए. बैठक फेल होने की वजह से प्लाइवुड मिल के जल्द खुलने की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं दिख रही है. कार्यकारी लेबर कमिश्नर हीरालाल पान का कहना है कि काली पूजा से पहले फिर एक बैठक बुलाने की कोशिश की जायेगी. वह मिल मालिकों के लगातार संपर्क में हैं. इधर, जलपाईगुड़ी आइएनटीटीयूसी के जिला सचिव मीठू महंत का कहना है कि बैठक में मिल मालिकों के नहीं आने से यह साफ हो गया है कि मिल मालिक समस्या का समाधान नहीं चाहते. यह सब बोनस नहीं देने का एक बहाना है. उन्होंने न केवल बोनस देने की मांग की, बल्कि मिल बंद रहने की अवधि की मजदूरी भी मिल मालिकों से देने की मांग की है. इस मामले को लेकर विदेश प्लाइवुड मिल के सीनियर मैनेजर राम प्रसाद विश्वास से बातचीत नहीं हो सकी.

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