सिलीगुड़ी: अवैध निर्माण तोड़ने गये सिलीगुड़ी नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों को लोगों के जोरदार विरोध प्रदर्शन के सामने घुटना टेकना पड़ा और सभी लोग बैरंग लौटने को मजबूर हो गये. नौ नंबर वार्ड के अग्रसेन रोड स्थित सत्यनारायण अग्रवाल के निर्माणाधीन मकान के एक हिस्से को तहस-नहस किया जाता, उससे पहले ही यह खबर आग की तरह पूरे इलाके में फैल गयी और इलाकावासी एकजुट हो गये. लोगों ने निगम के इस कार्य के प्रति खूब नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन भी किया. इस दौरान आक्रोशित लोगों का निगम पर गुस्सा फूट पड़ा और अधिकारियों व इंजीनियरों के साथ खूब बहस भी हुई.
मौके की नजाकत को देखते हुए सिलीगुड़ी थानांतर्गत खालपाड़ा नगर पुलिस चौकी (टीओपी) के प्रभारी महेश सिंह को भी दलबल के साथ मोरचा संभालना पड़ा. सूचना पाकर वार्ड पार्षद व दो नंबर बोरो दफ्तर के चेयरमैन प्रदीप गोयल उर्फ कालू, समाजसेवी गौरी शंकर गोयल, मुकेश देवसरिया, प्रवीण अग्रवाल, विकास अग्रवाल उर्फ जुगनू समेत कई विशिष्ठ व्यक्ति भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझा कर उत्तेजित माहौल को शांत करवाया. महेश सिंह, प्रदीप गोयल व गौरी शंकर गोयल मकान मालिक और निगम के अधिकारियों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली. बाद में मकान मालिक की ओर से सत्यनारायण अग्रवाल के लड़के मोहन अग्रवाल की पत्नी पायल अग्रवाल ने निगम के इंजीनियरों को मकान न तोड़ने के लिए एक ज्ञापन सौंपा. आवेदन में कहा गया है कि मकान बनने से पड़ोसियों और इलाकेवासियों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है.
मकान तोड़ने से हम हो जायेंगे बेसहारा
सत्यनारायण अग्रवाल और उनके लड़के मोहन अग्रवाल शहर से बाहर होने की वजह से आज मौके पर नहीं थे. मोहन की पत्नी पायल अग्रवाल का कहना है कि मकान काफी जर्जर हो गया था. इसलिए लोन एवं लोगों के सहयोग से हम मकान की मरम्मत करवा रहे हैं. फिलहाल हम लोग किराये के मकान में रह रहे हैं.
अगर निगम बेवजह मकान तहस-नहस करती है तो हमारी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि हम दोबारा मकान खड़ा कर सकें. श्रीमती अग्रवाल ने काफी भावुक होते हुए कही कि अगर मकान तोड़ दिया जाता है तो हम बेसहारा हो जायेंगे और हमें दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ सड़क पर रहने को मजबूर होना पड़ेगा. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मकान के अवैध निर्माण को लेकर निगम की ओर से इससे पहले कभी भी कोई अग्रिम नोटिस नहीं दी गयी.
गरीब परिवार को नहीं होने देंगे बेसहारा
आक्रोशित प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हम किसी भी कीमत पर गरीब परिवार को बेसहारा नहीं होने देंगे. मकान मालिक सत्यनारायण अग्रवाल के पड़ोसी मनोज शर्मा ने बताया कि श्री अग्रवाल 70 वर्ष से यहां रहते हैं और काफी गरीब हैं. गल्ले की दुकान से किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. वहीं, उनका लड़का मोहन अग्रवाल गंगटोक में एक प्राइवेट फर्म में मामूली वेतन पर नौकरी करता है. भूकंप में मकान क्रेक हो गया था. अग्रवाल परिवार कर्ज व लोगों के आर्थिक सहयोग से मकान की मरम्मती करवा रहे हैं.
निगम का दावा मकान का एक हिस्सा अवैध
सिलीगुड़ी नगर निगम के इंजीनियर दीपक दत्त ने दावे के साथ कहा है कि मकान का एक हिस्सा अवैध है. उन्होंने बताया कि तीन सौ वर्गफीट हिस्सा पूरी तरह अवैध है. इसे लेकर इसी वर्ष 28 अप्रैल को निगम में लिखित शिकायत दर्ज करायी गयी थी. शिकायतकर्ता ने मकान मालिक सत्यनारायण अग्रवाल द्वारा अवैध तरीके से मकान निर्माण करने की शिकायत की थी. विभागीय जांच के बाद निर्माणाधीन मकान का तीन सौ वर्गफीट हिस्सा अवैध पाया गया. इसके मद्देनजर निगम की ओर से मकान मालिक सत्यनारायण अग्रवाल को अपने स्तर पर अवैध हिस्से को तोड़ने के लिए तीन बार नोटिस भी दिया है. श्री दत्त ने बताया कि पहला नोटिस चार मई को भेजा गया था. दूसरा नोटिस 17 मई को भेजा गया और अंतिम नोटिस 23 जून को दिया गया था. साथ ही सात दिनों का समय भी दिया गया था. उन्होंने कहा कि नोटिस के मारफत ही यह भी सचेत किया गया कि अगर निर्धारित समय पर मकान मालिक स्वयं अवैध हिस्से को नहीं तोड़ता है तो निगम तोड़ने के लिए बाध्य होगी. इस बाबत मेयर अशोक भट्टाचार्य से उनके मोबाइल फोन पर संपर्क साधा गया लेकिन उन्होंने कॉल ही रिसिव नहीं किया. वहीं, निगम के कमिश्नर सोनम वांग्दी भूटिया का मोबाइल फोन स्विच ऑफ होने से संपर्क नहीं हो सका.
