कलाकृतियों के जरिये पूरी रामकथा बयां होगी मंडप में

भोले शंकर मंडप की रक्षा करते नजर आयेंगे सिलीगुड़ी : समुद्र मंथन में निकले विष का पान करने दुनिया की रक्षा करनेवाले भगवान भोले शंकर इस बार सिलीगुड़ी के रथखोला स्पोर्टिंग क्लब द्वारा आयोजित दुर्गोत्सव के पूजा मंडप की रक्षा करते नजर आयेंगे. पिछले साल स्वर्ण जयंती वर्ष में बचे रह गये अरमानों को इस […]

भोले शंकर मंडप की रक्षा करते नजर आयेंगे
सिलीगुड़ी : समुद्र मंथन में निकले विष का पान करने दुनिया की रक्षा करनेवाले भगवान भोले शंकर इस बार सिलीगुड़ी के रथखोला स्पोर्टिंग क्लब द्वारा आयोजित दुर्गोत्सव के पूजा मंडप की रक्षा करते नजर आयेंगे. पिछले साल स्वर्ण जयंती वर्ष में बचे रह गये अरमानों को इस साल पूरा करने की योजना रथखोला क्लब पूजा कमिटी ने बनायी है. दर्शनार्थियों को मंत्रमुग्ध करने के लिए कमिटी ने 22 लाख रुपये का बजट बनाया है. कमिटी के अध्यक्ष विजय शर्मा का दावा है कि मंडप के भीतर प्रतिष्ठित देवी की प्रतिमा और मंडप की कलाकारी देखने के लिए दर्शनार्थियों को कम से कम आधा घंटा समय देना पड़ेगा.
बीते वर्ष ही रथखोला स्पोर्टिंग क्लब ने अपना 50वां वर्ष पूरा कर लिया था. स्वर्णजयंती वर्ष में पूरे राज्य की चित्रकला को उभारने के प्रयास में मंडप में आर्ट गैलरी तैयार करने की योजना बनायी गयी थी. लेकिन आयोजन में कुछ खामियां रह गयी थीं. इसकी क्षतिपूर्ति करने का प्रयास इस बार क्लब कर रहा है.
पूजा आयोजन कमिटी के सदस्यों से मिली जानकारी के अनुसार पूजा मंडप तैयार करने के लिए इस बार मेदनीपुर व वर्धमान के कारीगरों को बुलाया गया है. मंडप सजाने का 90 प्रतिशत कार्य मेदनीपुर से ही तैयार कराकर लाया गया है. इस बार पूजा मंडप में कपड़े से कोई काम नहीं कराया जा रहा है. कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बांस, मिट्टी, धागा, पट्ट आदि से मंडप सजाया जा रहा है. इन चीजों के इस्तेमाल से कलाकृतियां बना कारीगर रामायण की पूरी गाथा बयान करेंगे.
मंडप के सामने का हिस्सा करीब 45 फीट ऊंचा होगा. मंडप के सामने एक बगीचा तैयार किया जा रहा है, जिसमें कृत्रिम नहीं, बल्कि असली पौधे होंगे. पूरे मंडप की रक्षा के लिये भोले शंकर स्वयं विराजमान रहेंगे. इसके अतिरिक्त देवी दुर्गा के साथ सरस्वती, लक्ष्मी, कार्तिक और गणेश की प्रतिमा सावेकी से तैयार की जा रही है. देवी की मूर्ति इतनी भव्य होगी कि मंडप में प्रवेश करते ही दर्शनार्थी भावविभोर हो उठेंगे. प्रतिमा की ऊंचाई 18 फुट होगी. प्रतिमा तैयार कर रहे कोलकाता के मूर्तिकार रमेश पाल का दावा है कि सावेकी से बनी यह प्रतिमा पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल करेगी. दुर्गोत्सव में रवींद्र नगर मोड़ से लेकर पूरा इलाका जगमगाता रहेगा.
पूजा कमिटी के अध्यक्ष विजय शर्मा ने बताया कि इस बार बीते वर्ष से भी अधिक दर्शनार्थियों के आने की उम्मीद है. इसीलिए सुरक्षा के भी तगड़े इंतजामात किये जा रहे हैं.
भीड़ को नियंत्रित करने के लिये क्लब के सदस्य शुभंकर दत्त, बाप्पा वर्मन, समीर घोष, मंटू घोष, बापन दास आदि के नेतृत्व में टीमें गठित की गयी हैं, जो पूजा मंडप के चारों ओर तैनात रहेंगी. दर्शनार्थियों के प्रवेश से लेकर निकासी तक पर सीसीटीवी कैमरे की नजर रहेगी. बिजली से लेकर अग्निशमन तक की पूरी व्यवस्था रहेगी. इसके अतिरिक्त सिलीगुड़ी मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नरेट से भी कुछ पुलिसकर्मियों की मांग की गयी है.

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