जलपाईगुड़ी टाउन स्टेशन पर महिला से हार की छिनताई

जलपाईगुड़ी: जलपाईगुड़ी टाउन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर हार छिनताई की घटना से सनसनी फैल गयी. आरोप है कि आरपीएफ थाना जाने पर भी उचित सहायता नहीं मिली. यहां तक कि आरपीएफ ने हार छिनताई की शिकायत लेने भी इनकार कर दिया. आरपीएफ ने यात्री को हल्दीबाड़ी जीआरपी थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराने को […]

जलपाईगुड़ी: जलपाईगुड़ी टाउन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर हार छिनताई की घटना से सनसनी फैल गयी. आरोप है कि आरपीएफ थाना जाने पर भी उचित सहायता नहीं मिली. यहां तक कि आरपीएफ ने हार छिनताई की शिकायत लेने भी इनकार कर दिया. आरपीएफ ने यात्री को हल्दीबाड़ी जीआरपी थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराने को कहा. घटना शनिवार सुबह की है.

बताया जाता है कि हल्दीबाड़ी जाने के लिए अपनी पत्नी को ट्रेन में बिठाने के लिए हरिलाल सरकार जलपाईगुड़ी टाउन स्टेशन आये हुए थे. पहले हरिलाल ट्रेन में चढ़े. उनकी गोद में बच्चा भी था. बाद में जब उनकी पत्नी ट्रेन में चढ़ने लगी, तो कुछ युवकों ने उन्हें घेर लिया और गले से हार खींचकर भाग निकले. घटनास्थल से मात्र 25 मीटर की दूरी पर ही आरपीएफ थाना है. लेकिन महिला की चित्कार सुनने के बावजूद उसकी मदद के लिए कोई नहीं पहुंचा. इसके बाद जब वह अपनी शिकायत लेकर आरपीएफ थाने पहुंचे तो अधिकारियों ने कहा कि इस विषय में उनके करने को कुछ नहीं है. ऐसे मामलों की शिकायत जीआरपी थाने में दर्ज होती है.

जलपाईगुड़ी टाउन स्टेशन पर जीआरपी थाना नहीं है. इस पर आरपीएफ थाने के आइसी जीवेश्वर मुसाहारी ने हरिलाल सरकार से हल्दीबाड़ी जाकर जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराने को कहा. ऐसे में सवाल यह उठता है कि पूरे प्लेटफार्म पर जगह-जगह आरपीएफ की तरफ से लगाये गये यात्रियों के लिए हेल्प लाइन नंबर 182 का क्या फायदा है. जब खुद थाने जाने पर कोई मदद नहीं मिली, तो भला हेल्प लाइन से यात्रियों की क्या मदद की जाती होगी.

इस बारे में जलपाईगुड़ी टाउन स्टेशन के मैनेजर नृपेनचन्द्र सरकार ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आरपीएफ की है. इस घटना के मामले में आरपीएफ को जरूर कदम उठाना चाहिए था. आरपीएफ के अधिकारियों ने शिकायत क्यों नहीं ली, इसे वह समझ नहीं पा रहे हैं.

जलपाईगुड़ी थाने के आइसी जीवेश्वर मुसाहारी ने कहा कि प्लेटफार्म पर हार छिनताई जैसी शिकायतों को आरपीएफ नहीं लेगी. आरपीएफ का काम रेलवे संपत्ति की रक्षा करना है. इस किस्म की घटनाओं को देखने की जिम्मेदारी जीआरपी की है. चूंकि जलपाईगुड़ी टाउन स्टेशन पर जीआरपी का थाना नहीं है, इसीलिए हमने उनसे हल्दीबाड़ी स्टेशन के जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी. उन्होंने यह भी कहा कि हमारे थाने में सिर्फ दो कर्मी हैं. दो कर्मी जहां तक संभव हो पाता है, स्टेशन पर नजर रखते हैं. इस स्टेशन पर जीआरपी का थाना बनाने की जरूरत है. जब उनसे यात्रियों के हेल्प लाइन नंबर 182 के बारे में पूछा गया, तो आइसी जीवेश्वर मुसाहारी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाये.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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