तराई, डुआर्स मेरा दिल, मेरी जिंदगी : गुरुंग

दार्जिलिंग. तराई और डुआर्स मेरा दिल है, जिसके बिना मैं जिंदा नहीं रह सकता. यह कहना है गोजमुमो प्रमुख विमल गुरुंग का. मंगलवार को स्थानीय गोरखा रंगमंच भवन में विमल गुरुंग ने तराई, डुआर्स के मोरचा कार्यकर्ताओं व समर्थकों के साथ बैठक की. इसमें गोजमुमो के तराई क्षेत्र के अध्यक्ष शंकर अधिकारी और डुआर्स क्षेत्र […]

दार्जिलिंग. तराई और डुआर्स मेरा दिल है, जिसके बिना मैं जिंदा नहीं रह सकता. यह कहना है गोजमुमो प्रमुख विमल गुरुंग का. मंगलवार को स्थानीय गोरखा रंगमंच भवन में विमल गुरुंग ने तराई, डुआर्स के मोरचा कार्यकर्ताओं व समर्थकों के साथ बैठक की. इसमें गोजमुमो के तराई क्षेत्र के अध्यक्ष शंकर अधिकारी और डुआर्स क्षेत्र से रोहित थापा समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे. इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री गुरुंग ने तराई व डुआर्स को अपना दिल बताया, जिसके बिना वह जिंदा नहीं रह सकते. उन्होंने कहा कि अब होने वाला गोरखालैंड आंदोलन अंतिम होगा.

श्री गुरुंग ने तराई, डुआर्स क्षेत्र के मोरचा समर्थकों से खामोश रहते हुए एकजुट हो जाने की अपील की. उन्होंने कहा कि अब होनेवाला गोरखालैंड आंदोलन पहाड़ और दिल्ली दोनों में होगा. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आगामी 2 अक्तूबर के बाद हम लोगों को दिल्ली बुलाया है, जिसमें मेरे साथ तराई व डुआर्स के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.

श्री गुरुंग ने कहा कि दिल्ली बैठक के बाद दिल्ली में गोरखालैंड पर्सनल के सदस्यों ने आमरण अनशन पर बैठने की जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जब-जब पहाड़ आती हैं गोरखा समुदाय को जातियों में बांटती हैं. अब मैं जीटीए को बोटी-बोटी कर दूंगा. उन्होंने तराई, डुआर्स से आये समर्थकों से जेल जाने से नहीं डरने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि जो संसार में आया है, वह जायेगा भी. इसलिए ड्रग्स और शराब के सेवन से मरने से बेहतर गोरखालैंड के लिए मरना होगा. इसी तरह मोरचा के महासचिव रोशन गिरि ने कहा कि तराई डुआर्स के बगैर गोरखालैंड अर्थहीन होगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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