मालदा: अदीना डियर फॉरेस्ट होगा चकाचक

मालदा:राज्य सरकार की ओर से मालदा के अदीना डियर फॉरेस्ट को फिर से सजाया-संवारा जा रहा है. दुर्गा पूजा तथा ठंड के मौसम में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ही यह निर्णय लिया गया है. यह जानकारी मालदा के वन अधिकारी कौशिक सरकार ने दी है. उन्होंने कहा कि डेढ़ महीने पहले अदीना डियर […]

मालदा:राज्य सरकार की ओर से मालदा के अदीना डियर फॉरेस्ट को फिर से सजाया-संवारा जा रहा है. दुर्गा पूजा तथा ठंड के मौसम में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए ही यह निर्णय लिया गया है. यह जानकारी मालदा के वन अधिकारी कौशिक सरकार ने दी है. उन्होंने कहा कि डेढ़ महीने पहले अदीना डियर फॉरेस्ट को सजाने-संवारने के लिए एक प्रस्ताव उन्होंने राज्य सरकार को दिया है. इस प्रस्ताव के पास होते ही यहां ढांचागत सुविधाओं के विकास का काम शुरू हो जायेगा. उम्मीद है कि दुर्गा पूजा और उसके बाद ठंड में यहां पर्यटकों की भारी भीड़ लगेगी. इस बीच, वन विभाग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अदीना डियर फॉरेस्ट को एक संपूर्ण चिड़ियाघर बनाने की तैयारी कर ली गई है.

राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने भी इसका समर्थन किया है. इसको लेकर राज्य पर्यटन विभाग तथा वन विभाग के अधिकारियों के बीच दो बार बैठक भी हो चुकी है. यहां उल्लेखनीय है कि अदीना डियर फॉरेस्ट पार्क गाजल ब्लॉक के पंडुआ ग्राम पंचायत इलाके में स्थित है. वर्तमान में यहां 46 हिरण और 12 नील गायक हैं. इसके अलावा कई विदेशी पक्षी भी यहां के आकर्षण के केन्द्र हैं. 14 हजार से अधिक प्रवासी पक्षी यहां देखने को मिल जायेंगे. इनमें साइबेरियन बर्ड, सामुकखोल प्रजाति के पक्षी मुख्य आकर्षण हैं. इसके साथ ही यहां हिरणों एवं नील गायों की संख्या में भी लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. यहां अभी 40 से 50 हिरणों को रखने की व्यवस्था है. इससे अधिक हिरणों को उत्तर बंगाल के विभिन्न वन क्षेत्र में भेज दिया जाता है.

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ठंड के मौसम में यहां हर वर्ष ही पर्यटकों की भारी भीड़ होती है. इस साल भी रिकार्ड संख्या में पर्यटकों के आने की संभावना है. पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें अधिक से अधिक सुविधाएं दी जा सके, इसी को ध्यान में रखकर यहां ढांचागत सुविधाओं के विकास का निर्णय लिया गया है. इसके साथ ही वर्ष भर यहां पर्यटकों की आवाजाही बनी रहे, इसकी भी विशेष व्यवस्था की जा रही है. यही वजह है कि इस अदीना डियर फॉरेस्ट को चिड़ियाघर अथवा मिनी जू के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है. इसके तहत जंगल की सड़कों को नये सिरे से बनाया जा रहा है.

वाच टावर बनाने का भी निर्णय लिया गया है. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस वनक्षेत्र में पिकनिक पूरी तरह से बंद किया जा रहा है. उम्मीद है कि उत्तर बंगाल के एक प्रमुख चिड़ियाघर के रूप में इस वनक्षेत्र को विकसित किया जा सकेगा. सेंट्रल जू अथोरिटी से भी इसकी अनुमति मांगी गई है.

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