जनजाति मामले में कोई प्रगति नहीं होने का दावा
दार्जिलिंग. दार्जिलिंग प्रेस गिल्ड में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुये गोरामुमो के कानूनी सलाहकार नीरज जिम्बा ने कहा है कि गोरखा समुदाय के 11 जातियों को जनजाति में शामिल कराये जाने को लेकर मैने 5 अगस्त को आरटीआइ किया था. आरटीआइ का जवाब 29 अगस्त को मिला है, जिसमें गोरखा समुदाय के 11 जातियों को जनजाति में शामिल कराये जाने के विषय में अशोक पाई के नेतृत्व में एक कमेटी गठन किये जाने की बात कही गई है.
कमेटी गठन के कुछ ही दिन बाद श्री पाई का जनजाति मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद से नेशनल कमिशन ऑफ सिड्यूल ट्राइव्स में स्थानांतरित कर दिया गया. इसके बाद राजनीतिक दल के कोई भी पार्टी के नेता या संघ-संस्था द्वारा इस संबंध में कमेटी के साथ मुलाकात नहीं की है. इससे साफ जाहिर होता है कि मोरचा के नेता इस मामले में झूठ बोल रहे हैं. पत्रकार सम्मेलन में नीरज जिम्बा के अलावा वाई लामा भी उपस्थित थे.
