अदालत ने उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, महिला का नाम कंचन श्रीवास्तव है. वह बिहार के भागलपुर के बाबूपुर की रहनेवाली है. देर रात को वह टाउनशिप मोड़ के निकट बस में सवार होने आयी थी. पुलिस को पहले से ही इस तस्कर महिला के बारे में गुप्त सूचना थी. सादी वर्दी में पुलिसवाले टाउनशिप मोड़ पर नजर रखे हुए थे.
जैसे ही महिला टाउनशिप मोड़ पहुंची, पुलिस ने हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी. तलाशी के बाद तीन लाख रुपये के नकली नोट मिले. सादी वर्दी में महिला पुलिस भी थी. महिला ने बताया है कि वह इससे पहले भी नकली नोट के लिए कालियाचक एवं वैष्णवनगर थाना इलाके में दो बार आ चुकी है. इस बार वह तीसरी बार मालदा आयी थी. बिहार से मालदा पहुंच कर एक होटल में रुकी थी. यहीं पर नकली नोट के तस्करों ने उसे तीन लाख रुपये का नकली नोट दिया. नकली नोट लेकर वह भागलपुर जानेवाली थी. पुलिस का कहना है कि महिला मुख्य रूप से नकली नोट तस्करों के लिए कैरियर का काम करती है. यहां से नकली नोट लेकर भागलपुर जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी. वहां पहुंचने के बाद किसी दूसरे व्यक्ति को नकली नोट सौंप देना था. उसके बाद इस नकली नोट को दिल्ली भेजने की योजना थी. पुलिस सूत्रों ने बताया कि कंचन श्रीवास्तव के पति की एक साल पहले मौत हो गयी है. उसका एक पुत्र है, जो किसी मामले में मुंबई में विचाराधीन कैदी के रूप में जेल में है. घर में एक पुत्री है.
ऐसी परिस्थिति में ही महिला ने पैसे कमाने के लिए अपराध जगत को चुन लिया. पुलिस का मानना है कि उसकी बेबसी को देखते हुए ही जाली नोट तस्करों ने उसे इस धंधे में धकेल दिया है. पुलिस पूछताछ के दौरान महिला ने बताया है कि वह दो बार यहां से बिहार तथा झारखंड नकली नोट लेकर गयी है. वह नेपाल भी जा चुकी है. पूछताछ के दौरान महिला ने नकली नोट के कारोबार में लगे स्थानीय तस्करों के नाम एवं पते की जानकारी पुलिस को दी है. हालांकि पुलिस ने जांच के लिए किसी का भी नाम बताने से इनकार कर दिया. पुलिस अधीक्षक अर्णब घोष का कहना है कि नकली नोट तस्करी के मामले में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है. उससे पूछताछ की जा रही है.
