मालदा : केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री से मिलने के लिए मालदा जिले के वैष्णवनगर के भाजपा विधायक स्वाधीन सरकार के नेतृत्व में पांच सदस्य दिल्ली जा रहे हैं. 11 सितंबर को कोलकाता होकर यह सभी लोग दिल्ली जायेंगे. 13 सितंबर को उमा भारती से मुलाकात का कार्यक्रम है.
उसके बाद सभी लोग वापस लौट आयेंगे. भाजपा विधायक तथा अन्य लोग उमा भारती से गंगा नदी के कटाव को रोकने के लिए उपयुक्त कदम उठाने तथा नदी कटाव में अपना सबकुछ गंवाने वाले लोगों के पुनर्वास की मांग करेंगे. बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए भाजपा विधायक स्वाधीन सरकार ने कहा कि बाढ़ के पानी में कमी आ रही है.
इसके साथ ही नये सिरे से कटाव शुरू हो गया है. कालियाचक-3 ब्लॉक के शोभापुर–पारदेवानपुर ग्राम पंचायत के कुली मौजा से लेकर परलालपुर तक सात किलोमीटर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कटाव हो रहा है. बुधवार से लेकर अब तक मंडलपाड़ा, घोषपाड़ा एवं चौधरीपाड़ा गांव पूरी तरह से गंगा में समा गया है. अनुपम नगर गांव का भी अधिकांश हिस्सा विलीन हो गया है. अब इस गांव में 15 परिवारों के घर ही बचे हुए हैं. इनके घर भी गंगा में समा जाने की संभावना बनी हुई है. अब तक पांच सौ से अधिक परिवार बेघर हो चुके हैं.
इस बार कालियाचक-3 ब्लॉक में कटाव को लेकर फरक्का बैरेज के एक इंजीनियर का कहना है कि वर्ष 2014 में एक समीक्षा की गई थी. उसके अनुसार फरक्का बैरेज के जीरो प्वाइंट से लेकर परलालपुर तक 14 किलोमीटर क्षेत्र में कटाव रोकने को लेकर कार्ययोजना तैयार की गई थी. एक प्रस्ताव भी दिल्ली भेजा गया था. दिल्ली से धन की मंजूरी नहीं मिली. इसी वजह से कटाव को रोकने की कोई पहल नहीं की गई है.
फरक्का बैरेज के जेनरल मैनेजर राजेन्द्र कुमार सिंह ने भी माना है कि पैसे की कमी की वजह से ही कटाव को रोक पाना संभव नहीं हो पा रहा है. इधर, शोभापुर-पारदेवानपुर ग्राम पंचायत के माकपा प्रधान माया सरकार ने कहा कि गंगा के कटाव के कारण कहीं 200 मीटर तो कहीं एक किलोमीटर जमीन गायब है. कटाव ने भयंकर रूप धारण कर लिया है.
यदि इसको रोकने की कोशिश नहीं की गई, तो गंगा पूरे इलाके को लील जायेगी. बीडीओ को उन्होंने रिपोर्ट भेज दिया है. उन्होंने आगे कहा कि कटाव में घर-बार गंवाने वाले सैकड़ों लोग अभी पारदेवानपुर हाई स्कूल में शरण लिये हुए हैं. बाढ़ खत्म होने के बाद यह लोग कहां रहेंगे, यह अभी तय नहीं है. दूसरी तरफ भाजपा विधायक स्वाधीन सरकार का कहना है कि वह उमा भारती से मिलकर समस्या के स्थायी समाधान की मांग करेंगे. 13 अगस्त को केन्द्रीय टीम ने भी कटाव प्रभावित इलाकों का दौरा किया है. इस टीम से भी कारगर कदम उठाने की मांग की गई है. कटाव रोकने का कोई भी काम जल्दी करना होगा. ऐसा नहीं होने पर मालदा जिले के कई ग्राम पंचायत का अस्तित्व खत्म हो जायेगा.
