विभिन्न निकासी परियोजनाआें के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद महानगर को जलजमाव की वर्षों पुरानी मुसीबत से छुटकारा नहीं मिला है, यह बात एक बार फिर साबित हो गया. सोमवार दोपहर से हुई मूसलधार बारिश के बाद उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक महानगर के लगभग हर इलाके में बारिश का पानी जम गया था.
ईएम बाईपास पर भी घुटने भर पानी जमा हुआ था. तपसिया, टेंगरा, तिलजला, पार्क सर्कस, बेहला, सेंट्रल एवेन्यू, कॉलेज स्ट्रीट, ठनठनिया समेत महानगर के एक बड़े इलाके में बारिश का पानी जम गया था. रास्तों पर पानी जमा होने का सीधा प्रभाव ट्रैफिक व्यवस्था पर पड़ा आैर थोड़ी ही देर में महानगर की ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गयी. फलस्वरूप लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. इस स्थिति में कोलकाता नगर निगम ने एक बार फिर स्थिति को नियंत्रण में करने का दावा किया. निकासी विभाग के मेयर परिषद सदस्य तारक सिंह ने कहा कि तीन घंटे में 110 मिलीमीटर बारिश हुई है. उस पर गंगा में ज्वार आया हुआ था, जिसकी वजह से शहर की सड़कों पर जमा पानी गंगा में फेंकना संभव नहीं हो रहा था, पर गंगा का पानी अब उतरने लगा है. इसके साथ ही अगर बारिश थम जाती है तो जल्द ही पानी निकल जायेगा.
