उल्लेखनीय है कि बागडोगरा हवाई अड्डे से सुबह के करीब दस बजे के बाद से उड़ान और लैंडिग शुरू होती है, जो कि शाम के करीब पांच बजे समाप्त भी हो जाती है. सुबह और रात के समय उड़ान शुरू होने से हवाइ यात्रियों को लाभ होगा. मंत्री श्री देव ने कहा कि जमीन की समस्या काफी हद तक समाप्त हो गयी है. यहां कुल सात लोगों की जमीन ली गयी है.
जमीन मालिकों की कुछ समस्याएं थी. अब सभी समस्याओं को दूर कर दिया गया है. इसी महीने उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय की ओर से इन जमीन दाताओं को मुआवजे का चेक दिया जायेगा. इसके साथ इंस्ट्रूमेंटल लैंडिंग सिस्टम (आइएलएस) को स्थापित कराने का कार्य जारी है. तीस सितंबर तक कार्य समाप्त होने की आशा है. इसी बीच 19 सितंबर को बागडोगरा एयरपोर्ट प्रबंधन और निजी एयरलाइंस कंपनियों की उत्तरकन्या में एक बैठक बुलायी गयी है. इस बैठक में सुबह और शाम के समय कम से कम कोलकाता और दिल्ली की उड़ानों को लेकर चरचा की जायेगी. इसके अलावा राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बागडोगरा से ढ़ाका तक की उड़ान के लिये भी प्रयासरत हैं.
