निगम की जलनिकासी की व्यवस्था के फेल होने से गुस्साये लोग निगम की माकपा बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निगम कार्यालय में दाखिल हुए. मेयर कक्ष के बाहर पहुंचने पर निगम कर्मचारी ने कक्ष में प्रवेश पर रोक लगा दी. मेयर के निर्देशानुसार कर्मचारी ने ज्ञापन सौंपने आये लोगों से कहा कि उन लोगों ने मेयर से मुलाकात करने का समय नहीं लिया है. मेयर की दिनचर्या काफी व्यस्त होने की वजह से आज उनसे मिलना संभव नहीं होगा. इससे लोगों का गुस्सा भड़क उठा. मेयर से मुलाकात करने के लिये प्रदर्शनकारी जिद पर अड़ गये.
इससे मेयर को झुकना पड़ा. निगम कर्मचारी से उन्होंने संदेशा भिजवाया कि केवल दो लोग उनसे मिल सकते है. फिर भी जबरदस्ती जीतेन पाल के साथ चार लोग मेयर से मिलने के लिये उनके कक्ष में प्रवेश गए. बारिश की वजह से वार्ड में जल जमाव की परिस्थिति से अवगत कराते हुए वार्ड तृणमूल संयोजक जीतेन पाल ने मेयर को ज्ञापन सौंपा. इस दौरान उन्होंने मेयर से सभी को समय देने की मांग की. पिछले कई दिनों से पूरा वार्ड जलमग्न हो गया है. लेकिन आप एक दिन भी वार्ड के नागरिकों का हाल-चाल पूछने नहीं पहुंचे. इस मुद्दे पर ज्ञापन सौंपने पहुंचे नागरिक मेयर को घेरने लगे. उसके बाद मेयर ने अपना आपा खो दिया.
कड़े शब्दों में उन्होंने कहा कि माकपाई भी कई बार मंत्री से मिलने जाते हैं लेकिन बिना अग्रिम अनुमति के मंत्री नहीं मिलते. मंत्री के तरह हमारा समय भी बहुमूल्य है. उन्होंने सभी को हड़काया.इसके बाद मेयर और ज्ञापन देने पहुंचे लोगों को बीच कहा-सुनी हो गयी. मेयर कक्ष से बाहर निकलने पर तृणमूल नेता जीतेन पाल मेयर पर काफी भड़के हुए थे. पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक मेयर के नाते अशोक भट्टाचार्य सही नहीं है. चुनाव के समय जिस जनता के सामने हाथ फैलाकर वोट मांगने जाते हैं, उसी जनता से मेयर का यह आचरण काफी दुर्भाग्यपूर्ण है. श्री पाल ने कहा कि मेयर ने तो पहले मिलने से मना कर दिया. बाद में मिलने पर भड़क गये. जनता की शिकायतें सुनना और समाधान करना मेयर का काम है. जीतेन पाल ने कहा कि इसकी जानकारी वे पार्टी के तक पहुंचायेंगे.
इस संबध में दार्जिलिंग जिला तृणमूल अध्यक्ष और राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने कहा कि नागरिकों के साथ एक मेयर का ऐसा आचरण काफी दुर्भाग्यपूर्ण है. हम सभी जन प्रतिनिधि हैं. जनता की शिकायतें सुनना और उनकी मांगो को पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है. इसी आश के साथ जनता वोट देती है. कुर्सी मिलने के बाद उसी जनता के साथ ऐसा व्यवहार मेयर के लिये शोभनीय नहीं है. श्री देव ने कहा कि राज्य में दोबारा तृणमूल की सरकार बनने से विरोधी सकते में हैं. उनकी मानसिकता में ओछापन है.
