गंगा उफान पर, बांध टूटा

मालदा: कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश की वजह से मालदा जिले में गंगा नदी अपने पूरे उफान पर है. नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है और धार में भी काफी तेजी आ गयी है. तेज धार की वजह से कालियाचक-3 ब्लॉक में दो स्थानों पर बांध टूटने से लोगों में आतंक है. […]

मालदा: कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश की वजह से मालदा जिले में गंगा नदी अपने पूरे उफान पर है. नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है और धार में भी काफी तेजी आ गयी है. तेज धार की वजह से कालियाचक-3 ब्लॉक में दो स्थानों पर बांध टूटने से लोगों में आतंक है. प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, कालियाचक-3 ब्लॉक के चीना बाजार व सरकार टोला में गंगा का बांध टूट गया है. इस वजह से उस इलाके में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है.

सरकार टोला से 15 परिवारों को वहां से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है. यदि शीघ्र ही इस बांध की मरम्मत नहीं होती है, तो और भी कई इलाकों में पानी घुसने की आशंका बनी हुई है. मालदा जिले में सिर्फ गंगा ही नहीं, बल्कि अन्य नदियों जल स्तर में भी काफी बढ़ोतरी हुई है. गंगा के अलावा फुलहर व महानंदा नदी का जल स्तर भी काफी बढ़ गया है.

हालांकि यह अभी खतरे के निशान से ऊपर नहीं पहुंचा है. सिंचाई विभाग की जानकारी के अनुसार, यदि बारिश लगातार जारी रही, तो नदी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर बहने की आशंका है. इस बीच, गंगा नदी के बांध टूटने को लेकर जिला प्रशासन ने फरक्का बैरेज प्रबंधन से बातचीत की है. मालदा के जिला अधिकारी शरद द्विवेदी ने बताया है कि बांध बनाने का काम फरक्का बैरेज प्रबंधन की ओर से किया गया था. इस मामले को लेकर बैरेज प्रबंधन से बातचीत की गयी है.

दूसरी तरफ लोगों ने बांध बनाने में घटिया सामग्री उपयोग करने का आरोप लगाया है. इलाके के लोगों का कहना है कि ठोस तरीके से बांध नहीं बनाने की वजह से ही बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई है. उल्लेखनीय है कि यह इलाका आम तौर पर कटाव वाले इलाके के रूप में परिचित है. हर साल ही बारिश के मौसम में गंगा नदी का कटाव गंभीर रूप धारण कर लेता है. इस कटाव को रोकने के लिए ही वहां बांध बनाने का काम शुरू हुआ था. बांध बनने से पहले ही गंगा नदी के तेज बहाव में कई मीटर बांध को क्षति पहुंची थी.

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