बारिश ने खोली सिलीगुड़ी के निकासी व्यवस्था की पोल

सिलीगुड़ी. एक दिन की बारिश में सिलीगुड़ी का हाल खस्ता हो गया. सिलीगुड़ी नगर निगम का अधिकांश इलाका कइ घंटो तक जलमग्न रहा. हालांकि दिन ढलने के साथ पानी भी कम होता गया. गुरूवार की सुबह सिलीगुड़ी के बीच से बहने वाली महानंदा नदी खतरे के लाल निशान से उपर बह रही थी. नदी का […]

सिलीगुड़ी. एक दिन की बारिश में सिलीगुड़ी का हाल खस्ता हो गया. सिलीगुड़ी नगर निगम का अधिकांश इलाका कइ घंटो तक जलमग्न रहा. हालांकि दिन ढलने के साथ पानी भी कम होता गया. गुरूवार की सुबह सिलीगुड़ी के बीच से बहने वाली महानंदा नदी खतरे के लाल निशान से उपर बह रही थी. नदी का पानी सड़को पर पहुंच चुका था. एक दिन की मुसलाधार बारिश ने सिलीगुड़ी के भविष्य की झलक पेश कर दी है. यदि अभी से ही ठोस उपाय नहीं किये गए तो सिलीगुड़ी मे भी बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है. गुरूवार की सुबह से ही नागरिकों के बीच इस बात को लेकर चरचा का विषय बना हुआ है.

एक दिन की बारिश ने सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर को सिंचाई विभाग से बात करने को मजबूर कर दिया. मेयर ने सिंचाई विभाग से बात कर महानंदा बैरेज का एक फाटक खुलवाया, इसके कुछ घंटो बाद सिलीगुड़ी के लोगों ने राहत की सांस ली. निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य ने कहा कि इस समस्या को लेकर राज्य के सिंचाई विभाग से विचार-विमर्श किया जायेगा.

सिलीगुड़ी नगर निगम का अधिकांश इलाका जलमग्न होने के बाद गुरूवार की दोपहर निगम के सभागार में मेयर अशोक भट्टाचार्य पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने एक दिन की बारिश से हुयी सिलीगुड़ी का दास्तां बयां की. निगम के उपमेयर रामभजन महतो, लोक निर्माण विभाग के मेयर परिषद नुरूल इस्लाम, कचरा सफाई व पर्यावरण विभाग के मेयर पार्षद मुकुल सेनगुप्त, शंकर घोष आदि के साथ मेयर ने निगम के कई जलमग्न इलाकों का जायजा लिया. पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि निगम के वार्ड नंबर 1, 3, 4, 5,10, 24, 31, 32, 44, 45, 46 आदि सहित अधिकांश इलाके जलमग्न पाये गये. पानी ने लोगों को उनके ही घर में कुछ घंटो के लिये कैद कर दिया था.

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में अब तक 20 प्रतिशत बारिश अधिक हुयी है. सिलीगुड़ी के जलमग्न होने को मेयर ने सिंचाई विभाग को कटघरे में खड़ा किया है. उनका कहना है कि पिछले कई महीनों से सिंचाई विभाग ने नदियों से बालू, पत्थर निकालने का काम बंद रखा है. बालू, पत्थर निकालने वाले क्वारी होल्डर ठेकेदारों को परमिट देने का काम सिंचाई विभाग ने बंद रखा है. इसकी वजह से नदियों का गर्भ भरता जा रहा, फलस्वरूप नदियों का जलस्तर उपर उठ रहा है. उन्होंने बताया कि महानंदा का जलस्तर इतना उपर जा चुका है कि महेशमारी, पंचनई जैसी सहायक नदियों का पानी महानंदा में नहीं मिल पा रहा है. जिसकी वजह से सहायक नदियों का पानी नदी से सटे इलाकों मे ओवर फ्लो होकर पहुंच रहा है. इस संबध में सिंचाई विभाग से बात की गयी है. उनकी ओर से इस समस्या का जल्द समाधान का आश्वासन भी मिला है.

श्री भट्टाचार्य ने कहा कि आगामी 15 अक्टूबर तक 3700 मिलीमीटर वर्षा होने की संभावना है. जबकि इस वर्ष अब तक 2187 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है. पिछले 24 घंटे में सिलीगुड़ी में 138 मिलीमीटर वर्षा हुयी है. इसके अतिरिक्त पहाड़ी इलाकों का पानी भी नीचे आया है जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ा है. राहत कार्य के लिये आपदा राहत विभाग से कुल 25 क्विंटल चूड़ा और गुड़ की मांग की गयी थी जिसमें 10 क्विंटल मुहैया करा दिया गया है. मेयर ने कहा कि उनके चेयरमैन होने के समय सिलीगुड़ी जलपाईगुड़ी विकास प्राधिकरण(एसजेडीए) ने महानंदा नदी सहित अन्य कई नदियों का बांध उंचा करने की एक परियोजना बनाई थी. लेकि उसे पूरा नहीं कर पाये. उनके हटने के बाद यह परियोजना भी अधर में है. उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में उस योजना को कार्यकारी करने की मांग एसजेडीए से की जायेगी.

तृणमूल के खिलाफ जायेंगे अदालत
सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर अशोक भट्टाचार्य ने 34 नंबर वार्ड वार्ड तृणमूल कमिटी के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने की धमकी दी है. पत्रकारों को संबोधित करने हुए उन्होंने कहा कि गुरूवार की सुबह 34 नंबर वार्ड की माकपा पार्षद गुलाप राय अपने इलाके का जायजा ले रही थी. उनके वार्ड का भी अधिकांश इलाका जलमग्न हो गया है. बारिश को रोक पाना किसी के हाथ में नहीं है. श्रीमती राय वार्ड नागरिकों की समस्यायें और सलाह ले रही थी. इसी दौरान तृणमूल के कुछ लोग उनके काम में दखल देने लगे. इस दौरान उनके साथ झड़प भी हुयी. एक महिला के साथ इस तरह का व्यवहार लज्जित करने लायक है. श्री भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल की यह हरकत बर्दाश्त से बाहर है. इस घटना की शिकायत थाने में की जायेगी.

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