पिछले दिनों डुवार्स के चाय बागानों में खराब स्थिति के बाद भाजपा के कई नेता और मंत्री चाय बागानों का दौरा करने आये थे. केन्द्रीय वाणिज्य राज्यमंत्री निर्मला सीतारमण भी जब सिलीगुड़ी दौरे पर आयी थीं तब वह कई चाय बागानों के दौरे पर गई थीं. उनकी पहल पर ही चाय बागानों के अधिग्रहण की भी प्रक्रिया शुरू हुई. फिलहाल भले ही यह मामला कानूनी पचड़े में फंस गया हो, लेकिन भाजपा नेता चाय बागान को ही मुख्य लक्ष्य मानकर आगे की रणनीति बनाने में जुट गये हैं. डुवार्स के विभिन्न इलाकों में विधानसभा चुनाव से पहले शक्ति परीक्षण के रूप में भाजपा पंचायत चुनाव को नजर में रखकर अपना काम कर रही है.
पंचायत चुनाव में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए भाजपा डुवार्स में संगठन को और भी अधिक शक्तिशाली करना चाहती है. इनता ही नहीं, बिमल गुरूंग के नेतृत्व वाली गोजमुमो के साथ भी भाजपा का गठबंधन आगे भी जारी रहेगा. दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में तो गोजमुमो का व्यापक जनाधार है ही, साथ ही तराई तथा डुवार्स इलाके में भी गोरखा बहुल इलाकों में गोजमुमो का प्रभाव है. यही वजह है कि भाजपा डुवार्स में भी गोजमुमो के साथ गठबंधन कर विभिन्न राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करना चाहती है. भाजपा के उत्तर बंगाल जोन के महासचिव प्रताप बनर्जी पिछले दो दिनों से अलीपुरद्वार जिले में भाजपा नेताओं के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं. इसी बैठक में राज्य सरकार के खिलाफ विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन करने की रणनीति बनी है.
इस आंदोलन में गोजमुमो को भी साथ रखा जायेगा. इस मामले में प्रताप बनर्जी का कहना है कि उत्तर बंगाल का कभी भी सामग्रिक विकास नहीं हुआ है. पहले वाम मोरचा सरकार और उसके बाद तृणमूल सरकार द्वारा भी उत्तर बंगाल की उपेक्षा की जा रही है. भाजपा तथा केन्द्र सरकार उत्तर बंगाल का विकास करना चाहती है. वह एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की भी उत्तर बंगाल पर नजर है. उत्तर बंगाल का विकास भाजपा का प्रमुख लक्ष्य है.
